एसडीएम ने डीएम को भेजी जांच रिपोर्ट
लेखपाल ने तहसीलदार पर लगाया था कमीशन मांगने का आरोप
तहसीलदार ने लेखपाल के आरोप को किया था खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सामुदायिक रसोई की प्रति प्लेट कमीशन मांगने के मामले में एसडीएम ने तहसीलदार और लेखपाल व लेखपाल संघ के पदाधिकारियों से बात कर तैयार की गई अपनी जांच रिपोर्ट मंगलवार को डीएम को भेज दी।
लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों के बीच भोजन वितरण के लिए प्रशासन की ओर से जूनियर हाईस्कूल उसका बाजार में सामुदायिक रसोई संचालित किया जा रहा है। रसोई के प्रभारी बनाए गए लेखपाल महेंद्र साहनी ने तहसीलदार पर कमीशन मांगने का आरोप लगाते हुए इस पद से त्यागपत्र दे दिया था। उन्होंने इसकी शिकायत लेखपाल संघ से भी की थी। हालांकि तहसीलदार ने इन आरोपों केे गलत बताते हुए लेखपाल की भूमिका को ही संदिग्ध करार दिया था। मामला प्रकाश में आने पर डीएम दीपक मीणा ने मामले की जांच एसडीएम नौगढ़ उमेश चंद्र को सौंपी थी। सोमवार को एसडीएम उमेश चंद्र ने दोनों पक्ष को बुलाकर बयान दर्ज कराए थे। दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों का अवलोकन कर जांच रिपोर्ट तैयार की थी। मंगलवार को उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम दीपक मीणा को भेज दी। एसडीएम उमेश चंद्र निगम ने बताया कि दोनों पक्षों के बयान और अभिलेखों के आधार पर जांचकर डीएम को रिपोर्ट भेज दी गई है। वहां से निर्देश मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
एकतरफा कार्रवाई बर्दाश्त नहीं करेगा लेखपाल संघ
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि लेखपाल द्वारा तहसीलदार पर कमीशन मांगने के मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बिना निष्पक्ष जांच के अगर लेखपाल पर एकतरफा कार्रवाई की गई तो लेखपाल संघ बर्दाश्त नहीं करेगा। जांच में दोषी पाए जाने पर दोनों पक्षों पर कार्रवाई की जाए, अन्यथा इसका जोरदार विरोध किया जाएगा। इस आपदा में कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निर्वहन करने वाले लेखपालों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।