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संतकबीरनगर का खून बचाएगा मरीजों की जान

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संतकबीरनगर का खून बचाएगा मरीजों की जान
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ब्लड बैंक में खून की कमी, मात्र 35 यूनिट ही उपलब्ध
लॉकडाउन के बाद ब्लड बैंक में रक्तदाता नहीं पहुंच रहे
पखवारा पूर्व संतकबीरनगर से मंगाई गई 35 यूनिट खून
संतोष श्रीवास्तव
सिद्धार्थनगर। कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर घोषित लॉकडाउन में जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में खून की कमी हो गई है। लॉकडाउन के पहले जहां 50 से 55 यूनिट तक खून उपलब्ध रहता था। मौजूदा समय में महज 35 यूनिट ही उपलब्ध है। सबसे अधिक मांग ‘ओ’ पॉजिटिव और ‘बी’ पॉजिटिव की हो रही है। यही कारण रहा कि एक पखवारा पूर्व संतकबीरनगर जिले से 35 यूनिट खून मंगाना पड़ा। रक्तदाताओं के नहीं पहुंचने से संकट गहराता जा रहा है।
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लॉकडाउन में ब्लड बैंक में कार्यरत सभी कर्मियों के लिए रक्त की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना एक चुनौतीपूर्ण हो गया है। ब्लड बैंक के एलटी अशोक त्रिपाठी ने बताया कि थैलीसीमिया, जननी सुुरक्षा इत्यादि मरीजों को खून उपलब्ध कराना होता है। लॉकडाउन के कारण रक्तदान शिविर का आयोजन नहीं हो पा रहा है। जिसके कारण डोनर भी रक्तदान करने ब्लड बैंक नहीं पहुंच पा रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए रक्तदान की व्यवस्था है। वह कहते हैं कि अभी तो जरूरत कम है, लेकिन मांग बढ़ने पर मुश्किलें बढ़ जाएंगी। 10 अप्रैल को खून की उपलब्धता कम देखते हुए संतकबीरनगर जिले के ब्लड बैंक से 35 यूनिट खून मंगाया गया। जिसमें ‘ओ’ पॉजिटिव और ‘बी’ पॉजिटिव के 15-15 यूनिट एवं ‘एबी’ पॉजिटिव पांच यूनिट खून शामिल थे। मौजूदा समय में संतकबीरनगर से उपलब्ध 35 यूनिट ही उपलब्ध है। ब्लड बैंक के कर्मचारी उमेश कुमार पांडेय ने खून की उपलब्धता के लिए प्रत्येक रक्तकोष के संपर्क नंबर को सार्वजनिक करने, इच्छुक रक्तदाताओं को 24 घंटे संपर्क करने की सुविधा, रक्तकोष तक परिवहन की सुविधा, रक्तदाताओं के लिए पास जारी करने, समय-सारिणी के मुताबिक ब्लड डोनेशन वैन की ओर से संग्रहित करने, प्रोत्साहन के लिए विशेष प्रमाणपत्र एवं उपहार देकर इस चुनौती से निपटा जा सकता है। ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. आरपी मौर्या ने बताया कि प्रसव केंद्र में सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान ब्लड की अधिक जरूरत पड़ती है। इसके कारण अक्सर ब्लड के लिए मरीजों को परेशान होना पड़ता है।
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