भवानीगंज। डुमरियागंज ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम देईंपार में मनरेगा कार्य में घोटाले के आरोप में ग्राम प्रधान, सचिव, तकनीकी सहायक और रोजगार सेवक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हुई है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी है।
इस कार्रवाई से सरकारी धन गबन और दुरुपयोग करने वाले ग्राम प्रधानों और ब्लॉक कर्मियों में हड़कंप मच गया है। डुमरियागंज ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम देईंपार निवासी जंगल प्रसाद उर्फ जगराम ने लोकपाल मनरेगा से शिकायत की थी। इस पर लोकपाल की ओर से जांच की गई, जिसमें मनरेगा कार्य में 7,91,328 रुपये का फर्जी भुगतान करने का मामला सामने आया। साथ ही इसमें प्रधान, सचिव, तकनीकी सहायक व रोजगार सेवक दोषी पाए गए थे। मनरेगा लोकपाल ने गबन की धनराशि की वसूली किए जाने की संस्तुति की थी।
इसके बाद शिकायतकर्ता को मिल रही है जान से मारने की धमकी के बाद सोमवार को जंगल प्रसाद उर्फ जगराम की तहरीर पर भवानीगंज पुलिस ने देईंपार की ग्राम प्रधान रावती देवी, ग्राम पंचायत सचिव हरिशंकर सिंह, तकनीकी सहायक ओमप्रकाश और रोजगार सेवक राजकुमार के खिलाफ केस दर्ज किया है।
इस संबंध में भवानीगंज थानाध्यक्ष बृजेश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।