सिद्धार्थनगर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रद्धा भारतीय ने गैर इरादतन हत्या का रिमांड निरस्त कर दिया है। उन्होंने विवेचक राजाराम यादव व थानाध्यक्ष बलजीत राव के विरूद्ध कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को भेजा है। साथ ही कृत कार्रवाई से सात दिन के भीतर अवगत कराना सुनिश्चित करने को कहा है।
मामला गोल्हौरा थानाक्षेत्र का है। जहां 10 सितंबर को मारपीट की वजह से एक व्यक्ति की मृत्यु हो गयी थी। मृतक की पत्नी सुभावती ने थाने पर सूचना दी कि 10 सितंबर 2023 को समय चार बजे अभियुक्त बृहस्पति पांडेय ने उसके पति हरिलाल के सीने पर जोर से मारा, जिससे वह वहीं पर गिर पड़ा। उसके पति को घर लाया गया और पड़ोस के डॉक्टर द्वारा कुछ दवा दी गयी। उसके पास छोटे-छोटे छह बच्चे हैं इसलिए हरिलाल को इलाज के लिए बाहर नहीं ले जाया जा सकी। उसके पति की मृत्यु 11 सितंबर 2023 को छह बजे शाम को हो गयी। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का अभियोग दर्ज किया और अभियुक्त बृहस्पति पांडेय के मामले की विवेचना कर रहे राजाराम यादव ने मंगलवार की शाम को रिमांड के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में प्रस्तुत किया।
न्यायालय ने प्रपत्रों व घटना के तथ्यों का परिशीलन करते हुए निष्कर्ष निकाला कि विवेचक द्वारा मृतक के संबंध में कोई भी चिकित्सकीय प्रपत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट चिकित्सक का बयान, पंचनामा इत्यादि रिमांड के वक्त पेश नहीं किया है। जिससे स्पष्ट हो सके कि उसकी मृत्यु अभियुक्त के मारपीट के परिणाम स्वरूप हुई हो। संबंधित थानाध्यक्ष बलजीत राव द्वारा बिना किसी स्पष्ट आधार के ही चिकित्सकीय प्रपत्र के परिशीलन बिना अभियुक्त के विरुद्ध संज्ञेय धारा में केस दर्ज करने के लिए आदेशित किया जाना उपेक्षापूर्ण कृत्य को दर्शाता है।