सिद्धार्थनगर। कभी जीवनभर साथ निभाने की कसमें खाने वाले रिश्ते अब मामूली स्वार्थ, सपनों की उड़ान और तीसरे की दखल में दम तोड़ने लगे हैं। हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि अपनों की आंखों में अब अपनापन नहीं बल्कि शक, नफरत और क्रूरता दिखाई देने लगी है। डुमरियागंज के रेहरा गांव में हुई वारदात कोई पहला या अकेला मामला नहीं है बल्कि जिले में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले बता रहे हैं कि रिश्तों की डोर अब भरोसे से नहीं बल्कि स्वार्थ और गुस्से से बंधती जा रही है। समाजशास्त्री इसे बदलते परिवेश और बेलगाम महत्वाकांक्षाओं का खतरनाक असर मान रहे हैं। डुमरियागंज के रेहरा गांव में एक बार फिर रिश्तों की गिरती संवेदनाओं को बेनकाब कर दिया, जहां पति से छुटकारा पाने के लिए पत्नी ने उसे चारपाई से बांधकर जिंदा जला देने की कोशिश की। रेहरा गांव में हुई वारदात में भी तीसरे की दखल इस तरह हावी हुई कि साथ छोड़कर जाने के बजाय पति से हमेशा के लिए छुटकारा पाने की कोशिश में चारपाई से बांधकर उसे आग के हवाले कर दिया। वह जिंदगी के लिए जूझ रहा है।
बीते मार्च माह के आखिरी सप्ताह में भी एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली वारदात ने लोगों को झकझोर दिया था। खुद से आधी उम्र के लड़के से ट्रेन में एक महिला का प्रेम प्रसंग हुआ। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के रहने वाली महिला की उससे नजदीकी बढ़ती गई और घर आने- जाने का सिलसिला शुरू हो गया।
रिश्तेदार बनकर आने वाले प्रेमी का साथ हमेशा के लिए हो जाए, इसके लिए योजना तैयार करके पति के साथ महिला बलरामपुर जनपद में गई। नशीले पदार्थ की ओवरडोज दवा देकर नदी में फेंक दिया। लाश मिली, शिनाख्त हुई और ढेबरुआ पुलिस ने जब कड़ी से कड़ी को जोड़ा तो एक सप्ताह में सारा खेल सामने आ गया। महिला और प्रेमी को जेल भेज दिया गया। डुमरियागंज में भी हुई थी वारदात : डुमरियागंज थाना क्षेत्र के एक गांव में बीते वर्ष अक्तूबर माह एक महिला ने घर में सो रहे पति पर डीजल डालकर आग लगा दी थी। इस वारदात में आग का गोला बनकर बाहर निकले पति की जलकर मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने मृतक के पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करके आरोपी पत्नी को जेल भेज दिया। लेकिन, कुछ लोग मामला तीसरे की दखल से जोड़ रहे थे। हालांकि, वाजिब कारण बाहर नहीं आया था।