पत्नी के चरित्र पर शक करते हुए नवजात को अपनाने से इनकार करने वाले पति का अब डीएनए टेस्ट होगा। बुधवार को महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों की सुनवाई के दौरान राज्य महिला आयोग की सदस्य ने टेस्ट के निर्देश दिए हैं। पुलिस इस प्रक्रिया में जुट गई है। मामला शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र का है।
लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह परिसर में बुधवार को महिला उत्पीड़न से मामलों की सुनवाई थी। राज्य महिला आयोग की सदस्य जुबैदा चौधरी शिकायतों की सुनवाई कर रही थीं। इस बीच शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर न्याय की गुहार लगाई।
महिला की शिकायत थी कि पति उसे और बच्चे को नहीं अपना रहा। उसे ससुराल से भी निकाल दिया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सदस्य राज्य महिला आयोग जुबैदा चौधरी के निर्देश पर सीओ सदर अकमल खान ने शोहरतगढ़ थाना पुलिस को निर्देशित किया कि पति को पेश करें।
एक घंटे बाद पहुंचे पति ने टीम के सामने भी पत्नी के चरित्र पर उंगली उठाई। इसको संज्ञान में लेते हुए थाना पुलिस को कार्रवाई करने के साथ नवजात का डीएनए टेस्ट कराने की प्रक्रिया को शुरू करने का आदेश दिया गया। सुनवाई में कुल 17 मामले प्रस्तुत किए गए। राजस्व से संबंधित 4 मामले आए, 3 का तत्काल निस्तारण किया गया। एक मामले में डीएम गोरखपुर को कार्रवाई करने के लिए कहा गया।
पेंशन संबंधित एक मामले में बीएसए को निर्देशित किया गया। पुलिस से संबंधित 12 मामलों में अधिकारी को त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। बैठक में एसडीएम सदर राजित राम प्रजापति, सीओ सदर अकमल खान, जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीशचंद्र, प्रभारी महिला थाना संध्या रानी तिवारी, महिला उपनिरीक्षक संगीता विश्वकर्मा, अधिवक्ता जयशंकर प्रसाद मिश्रा आदि मौजूद रहे।