सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ सीएचसी के लेबर रूम में वसूली और दवा का धंधा संचालित करने के मामले में अब जांच होगी। दो दिन पहले सीएचसी परिसर में आयोजित उपहार वितरण समारोह में विधायक विनय वर्मा एवं सीएमओ डॉ. रजत कुमार चौरसिया की मौजूदगी में आशा कार्यकर्ताओं ने वसूली की शिकायत की थी। इस मामले में सीएमओ ने दो सदस्यीय जांच समिति बनाई है, समिति के डॉक्टरों को जल्द ही जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
विधायक विनय वर्मा के सामने आशा वर्कर की शिकायत को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की है, उसके बाद स्वास्थ्य महकमा ने जांच शुरू कराई है। शिकायत है कि लेबर में बिना रुपये खर्च किए डिलीवरी नहीं कराई जा रही है, जबकि लेबर रूम में ड्यूटी करने वाले और डॉक्टर एक स्टाफ नर्स की ऐसी सेटिंग है कि फोन करने में सेटिंग वाले मेडिकल स्टोर के कर्मचारी लेबर रूम में दवा पहुंचा देते हैं और मरीज के परिजन से भुगतान करा दिया जाता है। मरीज के बाहर जाने के बाद वापसी की झंझट न हो इसलिए समझाते हुए सभी दवाइयों की सील तोड़ दी जाती है।
आशा वर्कर इंद्रावती चौधरी की शिकायत के बाद जांच से पहले ही सीएचसी की व्यवस्था में सुधार हो गया है। अब सभी मरीजों को अंदर से ही दवाएं दी जा रही है, जबकि शिकायत के बाद अधीक्षक डॉ. सौरव चतुर्वेदी ने बयान दिया था कि अस्पताल में आवश्यक दवाइयां उपलब्ध है। सवाल उठता है कि सभी दवाइयां उपलब्ध थी तो बाहर से दवाइयां क्यों खरीदवाई जा रही थी।
डिस्चार्ज मरीजों से पूछताछ में होगा खुलासा : सीएचसी में सेटिंग का खेल खुल रहा है तो संबंधित डाॅक्टर, नर्स सहित कुछ स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मचा है।यदि सीएचसी से डिस्चार्ज होकर घर जा चुकी मरीजों से पूछताछ होगी तो वसूली का हकीकत सामने आएगा।