एडीओ पंचायत के ऑफिस में 17 फरवरी को जल गए थे 40 गांव के अभिलेख
मामले को संज्ञान में लेते हुए गठित की गई थी तीन सदस्यीय टीम
डीपीआरओ भी मौके पर पहुंचकर कर चुके हैं निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। खुनियांव ब्लॉक के एडीओ पंचायत ऑफिस में जले अभिलेख मामले का सच चार दिन में सामने आ जाएगा। अभिलेख शार्ट-सर्किट से जले थे या जला दिए गए थे। सूत्रों की माने तो मनरेगा और व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालय से जुड़े अभिलेख जले हैं। अगर यह सच है तो कहना गलत नहीं होगा कि मनरेगा में हुए भ्रष्टाचार का सच दबाने के लिए यह किया गया है। क्योंकि जांच के लिए कई बार शिकायत हुई थी। जांच होती तो उसकी आंच कई लोगों को नुकसान पहुंचा सकती थी।
खुनियावं ब्लॉक प्रभारी एडीओ पंचायत विकास कुमार चौधरी के आफिस में ग्राम पंचायत अधिकारी यशवंत यादव और अतुल यादव के ग्राम पंचायतों का लेखाजोखा से जुड़ा अभिलेख रहता था। 17 फरवरी को ऑफिस में आग लग गई। इसमें लगभग ४० गांव के अभिलेख जल गए हैं। ब्लॉक मनरेगा सहित अन्य विकास कार्यों में अनियमितता और जांच होने की आशंका के बीच कागजात चलने पर लोग कई प्रकार की चर्चा कर रहे थे। इसी बीच जिलाधिकारी के आदेश पर तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए गठित कर दी गई। इन्हें यह जांच करना था कि आग शार्ट- सर्किट के से लगी या फिर लगा दी गई। अगर लगाई गई तो क्यों लगाई और कौन-कौन से अभिलेख जले हैं। टीम ने तो अभी जांच करना शुरू नहीं किया है। लेकिन परिवार रजिस्टर के नकल जलने की आदि की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों की माने तो एक अधिकारी मौके की जांच कर चुके हैं।
मनरेगा और व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालय की फाइल पूरी तरह से जली है। अगर यह फाइल जली तो है यह कहना गलत नहीं होगा कि जांच की आंच से बचने के लिए खुद आग लगा दी जाए। हालांकि यह जांच में सामने आ ही जाएगा। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व इटवा से विधायक माता प्रसाद पांडेय बीडीओ से मिले थे और उच्च स्तरीय जांच कराने की बात कर चुके हैं।
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खुनियांव ब्लाक के एडीओ पंचायत के कार्यालय में लगी आग के घटना की जांच टीम द्वारा किया जा रहा है। चार दिनों में जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-पवन कुमार, डीपीआरओ