जोगिया क्षेत्र के लखनापार में भरा हुआ बाढ़ का पानी। संवाद
भनवापुर। भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र से होकर बहने वाली राप्ती नदी का जलस्तर रविवार को घटने लगा। इससे नदी के तटीय क्षेत्रों में बसे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, क्षेत्र के दर्जनों गांवों के संपर्क मार्गों पर अब भी डेढ़ से दो फीट तक पानी बह रहा है। शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग पर भी एक से दो फीट पानी होने से आवागमन प्रभावित है। बाढ़ का पानी खेतों में जमा होने से धान की फसल बर्बाद होने की कगार पर है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
वीरपुर एहतमाली, वीरपुर कोहल, पेंड़रिया जीत, बढ़या, बिलरिया, भरवठिया, पिकौरा, तेनुई, बुढ़िया टायर, डुमरिया, तेतरी, चंदनजोत, जुड़वनियां, नेहतुआ, पेंडारी मुस्तहकम, धनोहरा और मछिया समेत कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी बह रहा है। कई परिषदीय विद्यालयों में भी बाढ़ का पानी भरने से शिक्षण कार्य प्रभावित है। भनवापुर क्षेत्र के सीएचसी सिरसिया में दो दिन पहले बाढ़ का पानी भर गया था। जीवनरक्षक दवाओं और जरूरी उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें प्रथम तल पर पहुंचाया गया था। मरीजों की सुविधा के लिए आपातकालीन सेवाएं पीएचसी भनवापुर से संचालित की जा रही थीं।
रविवार को सीएचसी के ग्राउंड फ्लोर से पानी हटने के बाद अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने सफाई कराई। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में अभी करीब दो फीट पानी भरा है। परिसर से पानी पूरी तरह हटने के बाद मंगलवार से सीएचसी में उपचार सेवाएं बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।