बलरामपुर में कम हुई राप्ती तो डुमरियागंज में फिर उफान की ओर
बाढ़ के पानी में डूबी किसानों की फसल
भनवापुर के धनोहरा, पेंड़ारी और मछिया का सिवान जलमग्न
संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। दो दिन पहले हुई भारी बारिश के बाद नेपाल से निकलकर बलरामपुर से आने वाली राप्ती नदी के जलस्तर में एकाएक फिर इजाफा होने लगा। रविवार को भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र में राप्ती के उफान के बाद कई गांवों में खेत जलमग्न हो गया है। लगातार तीसरी बार बाढ़ के हालात उत्पन्न होने के आसार हैं। जिससे क्षेत्र के लोगों में बाढ़ का डर सताने लगा है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया है। एसडीएम डुमरियागंज ने संभावित क्षेत्र का निरीक्षण के करके हालात का जायजा लेकर निर्देश दिया है।
भनवापुर क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे राप्ती के जलस्तर के कारण किसानों के धान का फसल डूबने लगी है। रविवार को क्षेत्र के एक दर्जन गांवों के करीब सैकड़ों किसानों का सैकड़ों बीघा धान की खड़ी फसल जलमग्न हो गई है। इसी तरह राप्ती का पानी बढ़ता रहा तो सोमवार देर शाम तक कई मुख्य मार्गों पर पानी चढ़ जाएगा। जिससे आवागमन पर असर पड़ने के आसार बने हुए हैं।
क्षेत्र के पेंड़ारी मुस्तहकम, मछिया मुस्तहकम, धनोहरा, रमवापुर उर्फ नेबुआ, असनहरा माफी, चंदनजोत, बामदेई, गोपिया, सोनखर डीह आदि सहित करीब एक दर्जन से अधिक गांवों के सिवान राप्ती के बाढ़ का पानी भर गया गया है। इन गांवों के किसानों के धान की खड़ी फसल बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब चुका है। क्षेत्र के राधेश्याम चौधरी, शिव प्रकाश मौर्या, रियाजुद्दीन, मुकेश आदि ने बताया कि शनिवार से ही राप्ती का पानी बढ़ रहा है, जिससे हम लोगों की धान की फसल डूब गई है। फिरहाल अभी नुकसान जैसी स्थिति नहीं है।
लोगों ने बताया कि जिस तरह से राप्ती का पानी बढ़ रहा है, अगर इसी तरह बढ़ता रहा तो सोमवार को देर शाम तक एक दर्जन से अधिक गांवों के मुख्य मार्गों पर बाढ़ का पानी चढ़ जाएगा। बताया जा रहा है कि बलरामपुर में जब नदी में पानी कम होता है तो दूसरे और तीसरे दिन डुमरियागंज क्षेत्र में असर दिखने लगता है। दो दिन पहले वहां बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए थे। अब उसका असर दिखने लगा है। अगर फिर बारिश शुरू हुई जैसा कि मौसम विभाग का अनुमान है तो बाढ़ आ सकता है। बाढ़ के खतरे से ग्रामीण सहम गए हैं। क्योंकि इसवर्ष दो बार बाढ़ से सामना हो चुका है।