संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। माघ मेला में लगे खेल तमाशे को प्रशासनिक अनुमति मिलने पर संचालन शुरू हो गया। इससे मेले में आए दुकानदार और शो आइटम संचालकों के मुरझाए चेहरे खिल उठे हैं। मौनी अमावस्या नहान पर राप्ती नदी तट पर लगने वाले माघ मेला का उद्घाटन 17 जनवरी को हुआ।
मेले में लगे खेल तमाशा को प्रशासनिक अनुमति न मिलने के कारण संचालन बंद था। गणतंत्र दिवस पर सोमवार को अनुमति मिलने के बाद से खेल तमाशा सहित सभी झूले शुरू हो गए। माघ मेला में देश के विभिन्न राज्यों और महानगरों से आई घरेलू उपयोग की दुकानें सजी हुई हैं, और विभिन्न प्रकार के छोटे बड़े झूले जैसे ज्वाइंट व्हील, ब्रेक डांस, नाव, ड्रेगन, सुनामी, डबल डिस्क, टोरा टोरा, जलपरी शो, जंगल थीम पार्क, भूत बंगला, मारुति सर्कस कुआं आदि लगे हैं, जिनका लोग आनंद उठा रहे हैं।
झूला संचालक अख्तर अली, शमी हुसैन, अशोक व पप्पू गौड़ ने बताया कि अनुमति मिलने के बाद हम लोगों ने झूलों का संचालन शुरू कर दिया है।
मेला चौकी प्रभारी जगदीश सिंह ने बताया मेले में शांति, सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने और आने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेले में आने वाले लोगों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए मेले में आने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
मेले में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है, और चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं।