सिद्धार्थनगर। दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के साथ इस बार जिले में बारिश के आंकड़ों ने मौसम की अलग तस्वीर सामने रखी है। जून और जुलाई में बारिश सामान्य से कम रहने के बाद अगस्त और खासकर सितंबर में झमाझम बारिश हुई। इसके बावजूद पूरे मानसून सीजन में सिद्धार्थनगर सामान्य से कम बारिश वाले जिलों की श्रेणी में रहा। सितंबर में जिले में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून तीन अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों से भी लौट गया। इसकी सामान्य विदाई पांच अक्टूबर मानी जाती है। इस वर्ष मानसून 30 जून को प्रदेश में पहुंचा था और तीन अक्टूबर तक इसकी अवधि 95 दिन रही।
मानसून की विदाई के साथ अब शुष्क उत्तरी हवाओं का प्रभाव बढ़ने की संभावना है। अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी, बादल छाए रहने और वातावरण में नमी घटने के आसार हैं। इसके बाद दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है।
जून-जुलाई में कम, अगस्त-सितंबर में बढ़ी बारिश : इस साल जिले में मानसून के शुरुआती दो महीनों में बारिश का आंकड़ा कमजोर रहा। जून-जुलाई में बारिश कम होने के बाद अगस्त में स्थिति सुधरी और सितंबर में बारिश सामान्य से काफी अधिक हो गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में जून में सामान्य 108.3 मिलीमीटर के मुकाबले सिर्फ 45.6 मिलीमीटर बारिश हुई। यह सामान्य से 58 प्रतिशत कम थी।
जुलाई में भी पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य 276.9 मिलीमीटर के मुकाबले 209.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 24 प्रतिशत कम रही। इसके बाद अगस्त में 289.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 240.6 मिलीमीटर है। यानी अगस्त में सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। सितंबर में बारिश ने पिछले महीनों की कमी को काफी हद तक पाटने का प्रयास किया। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 273.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश 173.4 मिलीमीटर है। यह सामान्य से 58 प्रतिशत अधिक है।
तराई के कई जिलों में भी रही कमी : सिद्धार्थनगर के साथ तराई और पूर्वांचल के कई जिलों में पूरे मानसून सीजन में बारिश सामान्य से कम रही। बस्ती और महाराजगंज सामान्य श्रेणी में रहे। गोरखपुर, संतकबीरनगर, कुशीनगर और देवरिया में भी सीजन की कुल बारिश सामान्य से नीचे रही। महाराजगंज और बस्ती में सितंबर की बारिश सामान्य से 60 प्रतिशत से अधिक रही। गोरखपुर और संतकबीरनगर में भी बारिश सामान्य से अधिक दर्ज की गई। वहीं कुशीनगर और देवरिया में सितंबर की बारिश सामान्य से कम रही।