ककरहवा। ककरहवा बाजार में हाईवे के दोनों तरफ बनी नालियों से जलनिकासी की कोई व्यवस्था न होने से बारिश के साथ नाली में भरा गंदा पानी हाईवे और लोगों के घरों में जा रहा है। इससे परेशानी बढ़ने के साथ ही संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। कस्बावासी इस विषय में वर्षों से लगातार उच्च अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नेपाल सीमा से सटे ककरहवा कस्बा में हाईवे की सड़क के दोनों तरफ जलनिकास का स्थायी प्रबंध एनएचएआई ने नहीं किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि नाली बनाते समय ही एनएचएआई कर्मी नाले में ही सारा कचरा छोड़कर चले गए थे, जिससे निर्माण के समय से ही जलनिकासी की समस्या है। विरोध के बाद भी कोई हल नहीं निकाला जा सका। बारिश और नाले का गंदा पानी लोगों के घरों में जा रहा है। सड़क पर जलभराव होने से ग्राहकों को दुकान तक पहुंचने के लिए गंदे पानी से होकर जाना पड़ रहा है। इससे लोग बाजार आने से बच रहे हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।
वहीं, नाले का गंदा और बदबूदार पानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व पशु अस्पताल के सामने ही भरा रहता है। बरसात में नाले का गंदा पानी अस्पताल परिसर में भी प्रवेश कर जाता है, जिससे कर्मचारियों के साथ दवा लेने आने वाले रोगियों को मुसीबत का सामना करना पड़ता है। साथ ही साथ संक्रामक बीमारी फैलने का भी बना रहता है। अस्पतालकर्मियों के साथ लोगों ने इसकी शिकायत कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से की लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका। कस्बे के जवाहरलाल वर्मा, धर्मेंद्र कुमार वर्मा, पवन कौशल, रामराज यादव, मंटू मोदनवाल, राहुल मोदनवाल आदि ने बताया कि जलभराव की समस्या से काफी परेशानी है। इस संबंध में कई बार शिकायत भी की गई लेकिन आज तक जिम्मेदार लोगों ने कोई ध्यान नहीं दिया।