हरिहरपुर। पुरुषोत्तम मास रविवार से शुरू हो रहा है। जिले के तामेश्वरनाथ धाम में एक महीने तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिव का जलाभिषेक कर पूजन अर्चन करेंगे। परिसर में दुकानें भी सजने लगी हैं, जहां श्रद्धालु शिव की पूजा के साथ खरीदारी भी करेंगे।
पूर्व प्रधान नरेंद्रनाथ भारती ने बताया कि रविवार से एक महीने तक पुरुषोत्तम मास चलेगा। इस दौरान मंदिर परिसर में शिवभक्त दिनभर भजन-कीर्तन करेंगे। उन्होंने बताया कि एक महीने तक परिसर शिव के जयकारे से गुंजायमान रहेगा। जिले भर से श्रद्धालु रोजाना मंदिर पहुंचकर शिव की पूजा करेंगे। सोमवार को मंदिर परिसर में सर्वाधिक भीड़ रहेगी।
ओम अनुपम भारती ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में शिव आराधना से मन वांछित फलों की प्राप्ति होती है।पुरुषोत्तम मास में तामेश्वरनाथ धाम में रोज सुबह सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु व मंदिर के पुजारी सहित भारती परिवार के लोग ढोल, मजीरे, घंटा और शंख की ध्वनि के बीच शिव का भजन कीर्तन करते हुए मंदिर की परिक्रमा करते हैं।
शिव मंदिर से शुरू हुई परिक्रमा वापस मंदिर पर आकर संपन्न होती है। प्रसाद वितरण के बाद श्रद्धालु शिव की पूजा आराधना करते हैं। रोजाना होने वाली परिक्रमा में जिलेभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
00000000000000000000
क्या है पुरुषोत्तम मास
हरिहरपुर। पंडित ज्वाला प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में संक्रांति नहीं करते तब उस अवधि को पुरुषोत्तम मास या मलमास अथवा अधिक मास कहते हैं। पुरुषोत्तम मास के दौरान शादी विवाह व गृह प्रवेश वर्जित होता है। विद्वानों का मत है कि भगवान श्रीहरि विष्णु ने इस महीने को अपना नाम पुरुषोत्तम दिया है, जिसके चलते इस माह का पौराणिक महत्व है। विद्वानों का मत है कि मलमास में किए गए दान-पुण्य का फल सामान्य दिनों की तुलना में अधिक मिलता है।