सिद्धार्थनगर। गाजियाबाद में अधिवक्ताओं पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन ने सोमवार को विरोध-प्रदर्शन किया। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर से लेकर कलक्ट्रेट तक नारेबाजी की। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन, प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए घटना में शामिल न्यायिक अधिकारियों व पुलिस के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
जिलाध्यक्ष इंदु कुमार सिंह ने कहा कि गाजियाबाद के जिला न्यायालय में अधिवक्ताओं पर हुआ लाठी चार्ज बेहद निंदनीय है। पूरे मामले की उच्च न्यायालय के न्यायाधीश व अधिवक्ताओं की संयुक्त टीम बनाकर जांच होनी चहिए। दोषी पुलिस कर्मियों व प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हो और वहां के जनपद न्यायाधीश को तत्काल बर्खास्त किया जाए। घायल अधिवक्ताओं को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाए और उनके ऊपर दर्ज मुकदमा वापस लिया जाए।
इस दौरान देवमणि त्रिपाठी, कैलाश नाथ गिरि, प्रशांत कुमार मिश्र, जय प्रकाश शुक्ल, राजेश कुमार मिश्र, अमित कुमार त्रिपाठी, आलोक रंजन उपाध्याय, विनोद कुमार गुप्ता, गिरीश कुमार पांडेय, प्रदीप कुमार उपाध्याय, अखिलेश कुमार अग्रहरि आदि अधिवक्ता मौजूद रहे
इंसर्ट-
प्रकरण के न्यायिक जांच की मांग उठाई
जिला बार एसोसिएशन ने भी सोमवार को कार्य बहिष्कार करते हुए, गाजियाबाद की घटना को निंदनीय बताया। जिलाध्यक्ष सत्यदेव सिंह ने कहा कि गाजियाबाद के न्यायिक अधिकारी ने कचहरी परिसर में पुलिस बल को बुलाकर अधिवक्ताओं पर लाठी चार्ज कराया। न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं पर लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए लंबित अधिवक्ता प्रोटेक्शन बिल को सरकार तत्काल लागू करे। गाजियाबाद घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए और इसमें लिप्त न्यायिक अधिकारियों पर कार्रवाई हो। इस दौरान नारद मुनि पांडेय, वीरेंद्र नाथ त्रिपाठी, महेश्वर प्रताप सिंह, सुशील मणि त्रिपाठी, सुधीर कुमार श्रीवास्तव, दुर्गा प्रसाद पांडेय, दिनेश चंद्र श्रीवास्तव, अनूप कुमार त्रिपाठी आधि मौजूद रहे।
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न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
इटवा। बार कौंसिल उत्तर प्रदेश के आवाहन पर सोमवार को बार एसोसिएशन इटवा के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। यह जानकारी देते हुए बार एसोसिएशन इटवा के अध्यक्ष राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि गाजियाबाद में वकीलों पर हुए लाठी चार्ज को लेकर प्रदेश के सभी वकील सोमवार को हड़ताल पर हैं। मंगलवार से सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य करेंगे। संवाद