केमिकल वाले रंग से आंखों को बचाएं
त्वचा के लिए खतरनाक हैं बाजार में बिक रहे हैं रंग
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। होली यानी रंगों का त्योहार, इस पर्व पर हर बार खूब रंग गुलाल उड़ता है। इसलिए केमिकल युक्त रंग भी बाजार में खूब बेचा जाता है। ऐसे रंगों के इस्तेमाल करने से त्वचा और आंखों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचने की आशंका होती है। केमिकल युक्त रंग त्वचा को झुलसा देते हैं। इसके अलावा आंख के कार्निया में घाव हो जाता हैं। इन दिनों खतरनाक केमिकलों के जरिए तैयार किए गए रंगों की बाजार में भरमार है। चिकित्सकों की सलाह है कि अगर अब तक आपने रंग गुलाल नहीं खरीदा है, तो संभलकर खरीदारी करें।
खुद भी बरतें सतर्कता
रंगों में मरकरी, लेड, सिल्का आदि मिला होता है। रंग खेलने से पहले शरीर पर तेल लगाकर ही निकलें। ताकि नहाते समय जल्द छूट जाए। वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञों ने चश्मा पहनकर होली खेलने की सलाह दी है। ताकि केमिकल युक्त रंगों से आंखों का बचाव हो सके। न्यू पीएचसी चिकित्सा प्रभारी डॉ. मुस्तकीम अंसारी ने बताया कि केमिकल युक्त रंग लगने के बाद शुष्क हो जाती है, जिससे एलर्जी हो जाती है। चेहरे और शरीर पर लाल दाने पड़ जाते हैं। ऐसे में रंग खेलने के पहले शरीर और बालों पर अच्छे से तेल लगाकर निकलें। नहाने के बाद भी शरीर को अच्छे से मॉश्चराइजर करें। हर्बल रंग से ही होली खेलें। नगर के नेत्ररोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. तनवीर रिजवी ने बताया कि कई बार दानेदार रंग पानी में ठीक से नहीं घुलने पर आंख के कार्निया पर घाव भी कर देते हैं। वहीं केमिकल वाले रंगों से रिएक्शन होने पर आंखों में सूजन आ सकती है। यदि रंग आंख में चला भी जाए तो रगड़े नहीं। डॉक्टर की सलाह के बगैर आई ड्रॉप ना डालें। वरना अल्सर होने की आशंका रहती है।