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Siddharthnagar News: पद्मश्री के बाद पहली बार बहन के घर पहुंचे प्रो. डॉ. राजेंद्र प्रसाद

Fri, 03 Jul 2026 02:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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पद्मश्री सम्मान प्राप्त करने के बाद गुरुवार को प्रख्यात चिकित्सक प्रोफेसर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
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बहन ने तिलक-माल्यार्पण कर किया भव्य स्वागत, बोले- सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता
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शाहपुर। राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रख्यात चिकित्सक और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. डॉ. राजेंद्र प्रसाद बृहस्पतिवार को पहली बार डुमरियागंज स्थित अपनी बहन गीता देवी के आवास पहुंचे। वार्ड महाराजा अग्रसेन नगर में उनके आगमन पर परिवार और स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। बहन गीता देवी ने भाई का तिलक लगाकर, माल्यार्पण कर उनका अभिनंदन किया। पद्मश्री सम्मान के बाद पहली बार घर पहुंचने पर परिवार में उत्सव जैसा माहौल रहा।
प्रो. डॉ. राजेंद्र प्रसाद को श्वसन रोग, क्षय रोग (टीबी) नियंत्रण और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में कई दशकों तक किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए इस वर्ष पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया गया है। उनका जन्म 17 फरवरी 1950 को बस्ती जनपद के मुंडेरवा में हुआ था। दो भाइयों और एक बहन में वह दूसरे स्थान पर हैं। चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें पद्मश्री के अलावा डॉ. बीसी रॉय राष्ट्रीय पुरस्कार सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।
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गौरतलब है कि 25 जनवरी को भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री सम्मान के लिए चयनित किया था। इसके बाद दो अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें सम्मानित किया और 25 मई को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति के हाथों उन्हें पद्मश्री अलंकरण प्रदान किया गया। प्रो. डॉ. राजेंद्र प्रसाद की छोटी बहन गीता देवी का विवाह डुमरियागंज कस्बे के वार्ड संख्या 10 महाराजा अग्रसेन नगर निवासी अधिवक्ता शक्ति प्रकाश अग्रहरि से हुआ है। भाई के सम्मान के बाद पहली बार घर आने पर परिजनों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।
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विशेष बातचीत में प्रो. डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण ही सफलता की असली कुंजी हैं। उन्होंने कहा कि मेहनत और ईमानदारी का संस्कार उन्हें अपने पिता से विरासत में मिला, जिसने जीवन के हर पड़ाव पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर मीरा, अजय अग्रहरि, राजीव कुमार, अभिषेक, मनीषा, सोनम, अन्नपूर्णा सहित बड़ी संख्या में परिजन और शुभचिंतक मौजूद रहे।
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