भारतीय किसान यूनियन की ओर से शनिवार को तहसील परिसर में किसानों की मासिक पंचायत आयोजित हुई। इसमें किसानों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए उसके समाधान की रुपरेखा बनाई गई। प्रशासन की ओर से किसान समस्याओं को लंबित किए जाने पर आपत्ति जताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। राज्यपाल को संबोधित 14 सूत्रीय मांगपत्र एसडीएम को सौंपा गया।
किसानों को संबोधित करते हुए संगठन के तहसील अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि सरकारें खुद को किसानों का हम दर्द तो बता रही है, लेकिन उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। पहले से किसान हुदहुद और सूखे से परेशान थे और अब अगलगी की घटनाओं ने क्षेत्रीय किसानों की कमर तोड़ दी है।
इसके बावजूद जो किसान अपने फसलों को बचाने में कामयाब रहे, उन्हें सरकारी क्रय केन्द्रों पर खरीद न होने से भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में में क्षेत्र में स्थित क्रय केन्द्रों का विवरण देने, आग से नष्ट हुई फसल के लिए किसानों को 10 हजार रुपये प्रति बीघा मुआवजा देने, क्षेत्र के विभिन्न गांवों में कोटेदार व ग्राम प्रधानों की मिलीभगत से हो रही गड़बड़ी पर रोक लगाने की मांगें प्रमुख रहीं।
किसान पंचायत में अब्दुल रहीम, कंचन देई, सुखदेव सिंह वर्मा, गुरुप्रसाद, बृजमोहन, ताइरा खातून, सौरभ, अकलीमुन्निशा, कौसर जहां, मनमोहन लाल श्रीवास्तव, हाजी शरीफ हसन आदि मौजूद रहे।