अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट में सोमवार को स्थित भूलेख विभाग का निरीक्षण करते कमिश्नर एसपी मिश्र।
- फोटो : अमर उजाला
डीएम नरेंद्र शंकर पांडेय के औचक निरीक्षण में परिषदीय विद्यालयों के शैक्षणिक व्यवस्था की पोल खुल गई। कागजी हकीकत से इतर धरातल का नजारा चौंकाने वाला रहा। इस पर डीएम ने शोहरतगढ़ बीईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि व चार शिक्षकों के एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। अन्य विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान शिक्षण कार्य में लापरवाही पर शिक्षकों व बीईओ को सख्त हिदायत दी। व्यवस्था को सुदृढ बनाने के लिए बीएसए को भी हिदायत देते हुए निर्देशित किया।
डीएम शनिवार को बीआरसी नौगढ़ के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरगदवा में सुबह करीब 11 बजे पहुंचे। यहां पंजीकृत छात्र संख्या 114 के सापेक्ष 30 बच्चे ही उपस्थित थे। मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सही नहीं थी।
इस पर डीएम ने शैक्षणिक कार्य में लापरवाही को देखते हुए शिक्षक रामकुमार, ऊषा देवी, इमरान व सुनील कुमार को सख्त हिदायत दी। डीएम ने विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति बनाने व बच्चों को नियमानुसार गुणवत्तापरक मध्याह्न भोजन मुहैया कराने का भी निर्देश दिया।
नौगढ़ बीईओ व बीएसए को व्यवस्था सुचारु रुप से संचालन के लिए निर्देशित किया। इसके बाद डीएम बीआरसी शोहरतगढ़ के प्राथमिक विद्यालय परसिया पहुंचे। निरीक्षण के दौरान बच्चे नदारद मिलने पर डीएम ने मौजूद शिक्षकों को डांट पिलाते हुए व्यवस्था में सुधार लाने की चेतावनी दी।
प्रधानाध्यापक सीमा उपाध्याय, शिक्षक रेखा पांडेय, अवधेश सिंह के वेतन पर रोक लगाने का निर्देश दिया। यहीं के पूर्व माध्यमिक विद्यालय परसिया में निरीक्षण के दौरान पंजीकृत 105 बच्चों के सापेक्ष सिर्फ चार बच्चे मौके पर मौजूद मिले। यहां इंचार्ज प्रधानाध्यापक हरिराम व शिक्षक हिमांशु उपाध्याय को सख्त चेतावनी देते हुए स्थिति में सुधार का निर्देश दिया। दोनो विद्यालय पर एमडीएम नहीं बना था।