निलंबन के बाद कॉलेज के गेट के सामने धरना देते डॉ. आरपी सिंह।
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शोहरतगढ़। छात्रा के साथ बातचीत का आपत्तिजनक ऑडियो वायरल होने के मामले में प्रबंध समिति ने शिवपति पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह को निलंबित कर दिया है। निलंबन की सूचना के बाद डॉ. आरपी सिंह कॉलेज गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया। न्याय के लिए कोर्ट में जाने की बात कही। उधर, कॉलेज प्राचार्य का दायित्व डॉ. एपीचंद को सौंप दिया गया है।
शिवपति पीजी कॉलेज में करीब एक माह पहले प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह का आपत्तिजनक ऑडियो वायरल हुआ था। सोशल मीडिया पर यह मामला सुर्खियों में रहा। मामला तूल पकड़ने के बाद प्रबंधन ने डॉ. आरपी सिंह को अवकाश पर भेजते हुए जांच समिति गठित कर दी थी। इसी मामले में शुक्रवार को विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक हुई।
बैठक में चर्चा के बाद प्राचार्य को रिपोर्ट आने तक निलंबित कर दिया गया। प्रबंध समिति ने इसके बाद वरिष्ठता सूची की अनदेखी करते हुए कार्यवाहक प्राचार्य का दायित्व एपी चंद्र को सौप दिया। प्रबंध समिति के निर्णय का विरोध करते हुए पूर्व प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह विद्यालय गेट पर धरने पर बैठ गए। पूर्व प्राचार्य का कहना था कि कुछ दिनों के लिए अवकाश पर जाने के दौरान साजिश के तहत फंसाया गया।
विद्यालय प्रबंध समिति ने नियम ताक पर रखते हुए बिना जांच कराए ही उन्हें निलंबित कर दिया। उन्होंने निलंबन पत्र भी नहीं लिया और कॉलेज के छात्र छात्राओं के साथ धरने पर बैठ गए। पूर्व प्राचार्य का अनशन प्रशासनिक अधिकारियों ने अनुरोध कर समाप्त कराया। डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि वह न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।