डुमरियागंज। मानवता सम्राट हजरत इमाम हुसैन की शहादत (बलिदान) की याद में मनाए जाने वाले मुहर्रम का चांद मंगलवार को देखा जाएगा। इसको लेकर जिले के शिया बाहुल्य कस्बा हल्लौर में इमामबाड़ा और दरगाह, कर्बला की रंगाई-पुताई और सजावट का काम पूरा कर लिया गया है।
मुहर्रम पर रखे जाने वाले छोटे बड़े ताजियों का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में चल रहा है। वहीं, इस दौरान निकाले जाने वाले जुलूस को लेकर सभी मार्गों और नालियों की सफाई भी युद्ध स्तर पर की जा रही है। मुहर्रम को मनाने के लिए देश के कोने कोने में बसे कस्बे के लोग अब हल्लौर पहुंचना शुरू हो गए हैं। 16 जून से 10 दिन तक चलने वाले मरसिया मजलिस का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा।
मुहर्रम इस बार चंद दर्शन के अनुसार 16 जून से 26 जून यानी आशूरा तक मनाया जाएगा। इसको लेकर निरंतर मरसिया- मजलिस आयोजित होगी और सातवीं, आठवीं और दसवीं को अलम, ताबूत, मेहंदी, जुलजनाह और ताजिया का जुलूस निकाला जाएगा, जिसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। लोगों की ओर से मरसिया मजलिस को लेकर अपने घरों की सफाई और रंग-रोगन का काम करवाया जा रहा है।