बोर्ड परीक्षा में अब गिने-चुने दिन शेष रह गए हैं। परीक्षा में अच्छे अंक पाने के लिए छात्र-छात्रा दिन-रात एक कर तैयारी में जुटे हुए हैं। मगर बिजली की अघोषित कटौती उनकी पढ़ाई में खलनायक साबित हो रही है।
आपूर्ति का कोई शेड्यूल न होने से छात्र-छात्रा परेशान हैं। सुबह और शाम के समय पढ़ाई नहीं हो पा रही। बच्चों को ढिबरी की रोशनी में किताबों में आंख गड़ानी पड़ रही है।
आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त होने से परीक्षार्थी जहां परेशान हैं, वहीं अभिभावकों में भी विभाग के रवैए को लेकर गुस्सा बना हुआ है।बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो रही है। छात्र-छात्रा पूरे मनोयोग से पढ़ाई में लगे हुए हैं। जैसे-जैसे तिथि नजदीक आ रही है, बिजली की कटौती बढ़ती जा रही है।
पथरा फीडर से जुड़े 103 गांवों में आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। कई दिनों से बिजली सुबह 9 बजे आती है और शाम 3 बजे गुल हो जाती है। इसके बाद पूरी शाम और रात क्षेत्रवासी बिजली को तरसते रहते हैं।
बीच में कभी-कभी एक-दो घंटे के लिए आपूर्ति हो भी जाए तो वोल्टेज सही न होने से कोई खास लाभ नहीं मिल पाता। बिजली कटौती से सबसे ज्यादा परेशानी बोर्ड की परीक्षा देने वाले बच्चों को हो रही है।
बच्चों का कहना है कि रात में सो जाने के बाद न जाने कब बिजली आती है और सुबह उठने से पहले ही गुल हो जाती है। ऐसे में पढ़ाई कैसे कर पाएंगे। इस संबंध में पथरा फीडर के जेई उमेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि कंट्रोल रूम से जो भी बिजली मिल रही है, उतनी आपूर्ति दी जा रही है। आपूर्ति का शेड्यूल उच्च स्तर पर निर्धारित होता है।