संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सीमावर्ती इलाके के नव धनाढ्य खुफिया रडार पर हैं। बाॅर्डर पर कई एजेंसियों ने इनकी कुंडली बनाने का काम शुरू कर दिया है। इसमें अचानक उनके पास कहां से धन आया और कैसे इमारत बना ली और लग्जरी जीवन जीने लगे। इसका लेखाजोखा तैयार किया जाएगा। गलत सोर्स से हासिल रकम की पुष्टि के बाद शिकंजा कसने की कार्रवाई होगी।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि बाॅर्डर इलाके में कुछ साल में कुछ लोगाें की संपत्ति में अकूत वृद्धि हुई है। सीमा संवेदनशील है। ऐसे में गलत ढंग से या देश विरोधी गतिविधि में लिप्त होकर धन अर्जित करने की आशंका है, जिससे देश को नुकसान है। ऐसे में डीआईजी बस्ती ने लेखाजोखा तैयार करने का निर्देश दिया है, जिससे कार्रवाई की जा सके।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा बड़ा मसला बन गया है। नेपाल से लगने वाली जिले की 68 किलोमीटर सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई। 24 घंटे पट्रोलिंग और मेन प्वाइंट से आने वालों की वैध कागजात की चेकिंग के बाद प्रवेश दिया जा रहा है।
साथ ही सीमावर्ती इलाके में अन्य गतिविधियों पर भी खुफिया नजर है। सीमावर्ती इलाके में अवैध गतिविधि जैसे तस्करी आदि में लोगों के लिप्त होने की बात सामने लगातार आ रही है।
इसके अलावा देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की आशंका बनी रहती है। क्योंकि सीमावर्ती इलाके से संदिग्ध पकड़े जा चुके हैं। वहीं, सीमावर्ती इलाके में हाल के कुछ वर्ष में कुछ लोगों ने अकूत संपत्ति बना ली है।
जबकि, इसके पहले उनके पास कुछ भी नहीं था। उनके पास कम दिन में इतनी संपत्ति कहां से आई, कहीं देश विरोधी गतिविधि में तो लिप्त नहीं है। ऐसे में डीआईजी बस्ती दिनेश कुमार पी ने नवधनाढ्यों की जांच करके कुंडली तैयार करने के लिए दिशा-निर्देश दिया है। ऐसे में अगर गहनता से जांच हुई तो बड़े लोग जद में आएंगे और कार्रवाई होगी।
सीमा पर कई एजेंसी पहले से ही एक्टिव मोड में हैं और संदिग्धों पर नजर जमाए हुए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि लेखाजोखा तैयार करते देर नहीं लगेगा। 68 किलोमीटर के दायरे में बहुत बड़ी संख्या में लोग आ जाएंगे।