तृतीय चरण चुनाव में राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने रणनीति में बदलाव करते हुए गुरुवार को नई सुरक्षा नीति बनाई। संवदेनशील बूथों पर कंमाडों स्टाइल में पुलिस कर्मी को तैनात किया जाएगा। ये 100 मीटर की दूरी में किसी को निरर्थक खड़े होने से रोकेंगे।
एक कंपनी पीएसी और मंगाई गई है। महिला मतदाताओं की हिफाजत करने के लिए महिला पुलिस जवान प्रत्येक बूथ पर तैनात की जाएंगी। तृतीय चरण को राजनीतिक स्तर पर संवदेनशील मानते हुए पुलिस अधिकारियों ने रणनीति को तैयार किया। तय किया गया कि संवेदनशील बूथों पर पुलिस कमांडो को तैनात किया जाएगा।
इनकी वेशभूषा को पुलिस की परंपरागत नहीं रहेगी। असलहों से लैस इन जवानों को निर्देशित किया जाएगा कि बूथ की सुरक्षा के साथ 100 मीटर के दायरे में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को फालतू नहीं खड़ा होने दिया जाएगा। कोई व्यक्ति मना करने के बावजूद नहीं हटता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
पुलिस कमांडो के 31 स्क्वायड बनाया जाएगा और एक स्क्वायड में 6 जवान रहेंगे। पुलिस विभाग के अधिकारी हष्टपुष्ट जवान व दारोगा की सूची तैयार करने में जुट गए हैं। जनपद पुलिस ने चुनाव आयोग से एक कंपनी अतिरिक्त पीएसी आवंटित कराई है।
कानून व्यवस्था के अलावा पीएसी के जवानों के कंधे पर 51 बूथों की जिम्मेदारी दी जाएगी। 80 कार्यशील जवानों के दस्ते के कुछ जवान डीएम व एसपी की फ्लीट में भी चलेंगे। महिला मतदाताओं को होने वाली असुविधा को देखते हुए प्रत्येक बूथ पर एक महिला पुलिस जवान की तैनाती की जाएगी।
इसके लिए 50 महिला पुलिस जवानों को ड्यूटी पर लगाया जाएगा। एसपी के सचल दस्ते में भी महिला जवानों को जगह दी गई है। इसके अलावा 5 स्पेशल मोबाइल दस्ता का गठन किया गया है। इनको महत्वपूर्ण बूथों की निगरानी करने के लिए निर्देशित किया गया है। पुलिस विभाग ने क्लस्टर मोबाइल टीमों की संख्या 24 को बढ़ाते हुए 31 कर दिया है।
चुनाव सेल प्रभारी अकमल खान ने बताया कि तृतीय चरण की राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस सुरक्षा की दृष्टिकोण से कुछ नए प्रयोग करेगी। पुलिस के तेज तर्रार जवानों को कमांडो के रूप में पेश किया जाएगा। इनको तत्काल कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है। महिला पुलिस जवानों को भी बूथों पर लगाया जाएगा। पीएसी की अतिरिक्त कंपनी भी सुरक्षा ड्यूटी करेंगी।