सिद्धार्थनगर जिले में रेकी करके दुकान और बंद मकान का ताला तोड़कर चोरी करने वाले गैंग के तीन शातिर चोर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। एसओजी और सदर पुलिस के संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार सुबह क्षेत्र के जमुआर नाले से उन्हें दबोच लिया। उनके कब्जे से 29,400 रुपये नकदी और चोरी का सामान बरामद हुआ है।
पुलिस का दावा है कि यह नया गैंग है और शौक पूरा करने के लिए अपराध करता है। चोरी का अधिकांश माल नेपाल में बेचता है। पूछताछ करने के बाद तीनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से जेल भेज दिया है। अमर उजाला ने चोरी के वारदात के पीछे नये गैंग के सक्रिय होने की खबर को प्रकाशित किया था, जो सच साबित हुआ।
पुलिस लाइंस सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एएसपी सुरेशचंद्र रावत ने बताया कि नगर में हुई चोरी की घटनाओं का पर्दाफाश करने के लिए एसओजी और सर्विलांस और सदर पुलिस की टीम लगी हुई थी। बृहस्पतिवार को सूचना मिली की चोरी करने वाले गिरोह के कुछ लोग क्षेत्र के जमुआर नाले के पास मौजूद हैं। पुलिस बताए स्थान पर पहुंच गई। पुलिस के वाहन को आता हुआ देख तीन लोग भागने लगे।
संदेह होने पर घेराबंदी करके तीन लोगों को पकड़ा गया। पूछताछ में इन्होंने अपनी पहचान अशोक कुमार, विजय, संतोष निवासी भीमापार थाना व जनपद सिद्धार्थनगर बताया। इनके कब्जे से 29,400 नकदी, एक आधार कार्ड, पांच बंडल सिगरेट जो चोरी का बरामद किया गया।
रेकी कर घटना को देते थे अंजाम
पुलिस टीम की पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों बताया कि उनके द्वारा दुकान एवं बंद मकानों की दिन में रेकी की जाती थी। रात्रि के समय ताला तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम देते थे। नेपाल में चोरी के सामान को बेचते थे। उससे प्राप्त धनराशि से शौक पूरा करते थे।
पुलिस हाथ लगे अहम सुराग
सूत्रों के मुताबिक पुलिस की स्पेशल टीम के हाथ कुछ बड़ी लीड लगी है। माना जा रहा है कि वह जल्द ही चोरी की कई बड़ी वारदात का पर्दाफाश कर सकती है। इस बार टीम के रडार पर चोरी का सामान भी खरीदने वाले आए हैं। माना जा रहा है कि पुलिस उन्हें भी गिरफ्त में लेगी।