शायरों ने दिया मोहब्बत व इंसानियत का पैगाम
हजरत अली के यौम-ए-पैदाइश पर नातिया मुशायरे का आयोजन
नातिया मजमू-ए-कलाम का हुआ विमोचन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। हजरत अली के यौम-ए-पैदाइश पर शुक्रवार को शहर के शेखनगर, गोबरहवां मोहल्ले में एक नातिया मुशायरे का आयोजन हुआ। मुशायरे का आगाज मुहम्मद आतिफ की कुरान-ए-पाक की तिलावत से हुआ। वहीं, शायरों ने मोहब्बत व इंसानियत का पैगाम दिया।
शायर जावेद सरवर ने अपनी मधुर आवाज में नाते पाक ‘नहीं मुस्तफा सा पयंबर है कोई, जमाने में ऐसा न रहबर है कोई’ पेश कर लोगों की दुआएं हासिल कीं। जावेद सरवर के नातिया मजमू-ए- कलाम का विमोचन भी हुआ। मुशायरे में युवा कवि पंकज सिद्धार्थ ने अपनी खूबसूरत नात ‘कमली वाले हैं रहमत सभी के लिए...’ पेश कर आपसी भाईचारे का संदेश दिया। शायर-ए-पूर्वांचल नियाज कपिलवस्तवी ने ‘नहीं आपको तू बोलेगा, गर बच्चा उर्दू बोलेगा, बच्चे को स्कूल तो भेजो, इंग्लिश भी धांसू बोलेगा’ जैसी गजल के माध्यम से तालीम की अहमियत का पैगाम दिया।
शायर एडवोकेट शादाब शब्बीरी, डॉ. जावेद कमाल, मंजर अब्बास रिजवी, मोनिस फैजी, डॉ. नियाज आजमी, रफी नोमानी, डॉ. नौशाद आजमी और अशफाक इब्राहिम ने भी खूबसूरत गजलें और नज्मे पेश कर मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम दिया। निजामत कर रहे उस्ताद शायर नूर कासमी की गजल ‘आरजू है मेरी मुल्तजी आपकी, आप मानें न मानें, खुशी आपकी’ खूब पसंद की गई। कार्यक्रम की सदारत कर रहे उस्ताद शायर मुजीब बस्तवी ने सभी शायरों की हौसला अफजाई करते हुए अपनी दुआओं से नवाजा। वहीं, वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल कय्यूम खान आदि मौजूद थे।