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पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर मिलेगा आवास
पीएम आवास योजना के तहत जिलाधिकारी ने नए सिरे सेे तैयार की रूपरेखा
नहीं चलेगी सिफारिश, जिले को मिला है 10 हजार आवास देने का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास के लिए अब लाभार्थियों को सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ेगी। पहले आओ और पहले पाओ की तर्ज पर मकान मिलेगा। डीएम ने इसके लिए नए सिरे से रूपरेखा तैयार की है। इसमें ऐसे लोगों को वरीयता दी जाएगी, जो पहले आवेदन करेगा, उसे ही पहले मकान मिलेगा। सिफारिश कराने वालों को प्रधानमंत्री आवास के लिए लंबा इंतजार करना होगा।
केंद्र की मोदी सरकार ने गरीबों को छत दिलाने के उद्देश्य के तहत प्रधानमंत्री और प्रदेश की योगी सरकार ने मुख्यमंत्री आवास योजना की शुरुआत की। इसके तहत जिले के हजारों गरीबों को आवास भी मिले। लेकिन इस बीच नए डीएम के रूप में दीपक मीणा ने जिले की कमान संभाली तो उन्हें पता चला कि बहुत सारे आवास के मामले पेंडिंग पड़े हैं। इस पर उन्होंने नए सिरे से आवास देने की योजना बनाई है। उन्होंने बताया है कि जिस लाभार्थी का पहले आवदेन आएगा उसे वरीयता के आधार पर आवास दिए जाएंगे। अगर कोई सिफारिश लाता है तो उसे आवास केे लिए लंबा इंतजार करना होगा।
उन्होंने लाभार्थियों से अपील की है कि वह केवल आवेदन जमा करें, सिफारिश न कराएं। अगर आवेदन करने वाले पात्र होंगे तो उन्हें हर हाल में आवास दिलाया जाएगा। कोई भी प्रार्थना पत्र पेंडिंग नहीं रहने पाएगा। बता दें कि जिले को करीब 10 हजार आवास का लक्ष्य मिला है। इसमें आधे से अधिक आवास बन भी चुके हैं। लेकिन बीच में आचार संहिता लगने के कारण बहुत सारे लाभार्थियों को आवास नहीं मिल सके। उनकी फाइलें ठंडे बस्ते में चली गई थीं। यह जानकारी होने के बाद डीएम ने नए सिरे से आवास देने की रणनीति बनाई है। डीएम दीपक मीणा ने बताया कि जिन लाभार्थियों का आवास के लिए पहले आवेदन आएगा, उन्हें हर हाल में आवास दिया जाएगा। आवास आवंटन में सिफारिश नहीं चलेगी।
हो चुका है गोलमाल
आवास आवंटन के मामले में खेसरहा ब्लॉक में पूर्व में गोलमाल हो चुका है। गोलमाल के पीछे राजनीतिक सिफारिश की बात सामने भी आ चुकी है। हालांकि प्रशासन इस मामले में अपने स्तर से कार्रवाई भी कर चुका है। गैर लाभार्थियों से रकम भी वसूलने के साथ-साथ मुकदमा भी दर्ज हो चुका है। ऐसे में इस बार ऐसी कोई चूक न होने पाए, लिहाजा पहले से ही डीएम ने पहले आओ और पहले पाओ के तर्ज पर आवास देने की रणनीति तैयार की है।