सहियापुर मंडी समिति में गेट न बनने पर एसडीएम को ज्ञापन देते गल्ला व्यापारी।
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डुमरियागंज। करीब चार दिन पहले मंडी समिति सहियापुर में बने धान क्रय केंद्रों पर तौल का जायजा लेने आए कमिश्नर ने मंडी से जाने वाली प्राइवेट गल्ला व्यापारियों की गाड़ियों का गेट पास बनाने पर रोक लगा दिया था। निर्देश के चार दिनों तक व्यापारी गेट पास बनने का इंतजार किए, लेकिन शुक्रवार को खरीदे गए धान की बर्बादी देख व्यापारी उग्र हो गए। मंडी परिसर में गल्ला व्यापारी प्रदर्शन करने लगे। सूचना पर पहुंचे एसडीएम को व्यापारियों ने ज्ञापन देकर गेट पास बनवाए जाने की मांग की।
शुक्रवार की शाम चार बजे नवीन मंडी समिति सहियापुर के गल्ला व्यापारियों ने समूह बनाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। व्यापारी शिवरतन अग्रहरि, गिरधर लाल, उमेश जायसवाल, केशव गुप्ता, नंदलाल, बरसाती, संतोष कुमार अग्रहरि आदि ने बताया कि उनका सहियापुर मंडी समिति का गल्ले के व्यापार का लाइसेंस है। इस पर वह कई सालों से वहां व्यापार करते हैं। लाखों रुपया प्रत्येक माह वे मंडी शुल्क के रूप में भी जमा करते हैं। बीते 13 नवंबर से उन्हें मंडी समिति से गेट पास नहीं दिया जा रहा है, जिससे व्यापारियों की खरीद व बिक्री प्रभावित है। जब मंडी सचिव से गेट पास की बनवाने की मांग की गई तो उन्होंने गेट पास बनाने से जिला प्रशासन की रोक का हवाला दिया, जबकि इससे संबंधित व्यापारियों को कोई नोटिस या पत्र नहीं भेजा गया है।
चार दिनों से व्यापारियों द्वारा अपनी दुकानों पर खरीदे गए धान के खराब होने का डर सता रहा है। व्यापारियों ने कहा कि गेट पास न बनने से मंडी में काम करने वाले पल्लेदारों के सामने भी भुखमरी का संकट उत्पन्न हो गया है। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर मंडी में एसडीएम राजेंद्र प्रसाद पहुंच गए। उन्हें व्यापारियों ने ज्ञापन देकर गेट पास बनाने की मांग की। इस दौरान सौरभ कुमार, वासुदेव अग्रहरि, संगीता मिश्रा, राम सुरेष, टुनटुन अग्रहरि, सुगंध अग्रहरि, दिनेष अग्रहरि, सोनू, जगमोहन आदि मौजूद रहे। इस संबंध में एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि गेट पास न बनाए जाने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। व्यापारियों की समस्या से डीएम को अवगत कराया जाएगा। उच्चाधिकारियों के निर्देष के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।