सूखे से प्रभावित फसलों की क्षति 33 फीसदी से कम दर्शाए जाने से क्षुब्ध भारतीय किसान यूनियन भानू गुट ने बुधवार को प्रदर्शन किया। प्रशासन पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
किसानों की समस्याओं को शीघ्र दूर करने की मांग भी उठाई। प्रदेश महासचिव कपिलदेव राय ने ज्ञापन में कहा कि पूरे जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए और आगे सूखे से निपटने के लिए सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। सूखे की स्थिति के चलते किसानों का क्षतिपूर्ति दिलाने के साथ-साथ उनका ऋण पूरी तरह से माफ किया जाए। ज्ञापन में बरबाद हुए रबी की फसल की क्षतिपूर्ति बिना भेदभाव के किसानों को देने की मांग की गई।
सूखे से परेशान किसानों को रबी की बुआई के समय खाद-बीज उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने की मांग की गई। इसके अलावा जिला चिकित्सालय में मरीजों के शोषण पर लोगों ने नाराजगी जताई और कहा कि इसमें तत्काल सुधार किया जाए। इस दौरान जिलाध्यक्ष यार मोहम्मद चौधरी, रुद्रनारायण चौबे, जबीउल्लाह, नंदराम, शत्रुघ्न चौधरी, विनोद चौधरी मो. हसन आदि मौजूद रहे।