इटवा। सस्ते में बकरे का गोश्त मिलता देख लोग आनन-फानन में खरीद ले गए। शाम को बनाया और चाव से खाया। दूसरे दिन पता चला कि बकरे को पागल कुत्ते ने काटा था तो मीट खाने वाले लोगों में दहशत फैल गई। इसके बाद एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल में लोगों की भीड़ लग गई।
यह घटना हुई चौखड़ा कुनगाई मार्ग पर स्थित ग्राम गिरधरपुर में। इटवा थाने में चौकीदार भीखी ने एक बकरा पाला था। उसे कुछ दिन पहले एक पागल कुत्ते ने काट लिया था। बकरे में रैबीज का प्रभाव होते देख भीखी ने रविवार को उसे चौखड़ा निवासी चिकवा को बेच दिया। चिकवा ने उसी दिन बकरे को काटकर चौखड़ा कुनगाई मार्ग पर स्थित ग्राम गिरधरपुर में गोश्त बेच दिया। सस्ता मिलते देख खरीदने वालों की भीड़ लग गई। रात में लोगों ने गोश्त को बनाकर पार्टी की। सुबह कुनगाई के लोगों को किसी से पता चला कि जिस बकरे के गोश्त को उन्होंने रात में खाया है उसे कुछ दिन पहले पागल कुत्ते ने काट लिया था। यह सुनते ही गांववाले सन्न रह गए।
कुछ ही देर में यह खबर अन्य गांवों में पहुंच गई और वहां भी हड़कंप मच गया। ग्राम चौखड़ा व गिरधरपुर के करीब 70 लोगों ने बकरे का गोश्त खाया था। इसके बाद सभी लोग सुबह ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटवा व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भनवापुर में रैबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंचने लगे। ग्राम चौखड़ा निवासी राहुल, कुनमुन, ग्राम गिरधरपुर निवासी संजीव कुमार सिंह, गोविंद, विजय, राम कुमार, बबलू, नरसिंह, प्रमोद कुमार, दूधनाथ ने थानाध्यक्ष इटवा से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में थानाध्यक्ष इटवा अंजनी कुमार राय का कहना है कि अभी तहरीर नहीं मिली है। मामले की जानकारी हासिल की जा रही है।