खेसरहा के सेमरा मुस्तहकम गांव में छुट्टा पशुओं से आजिज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी। अमर उजाला
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खेसरहा। छुट्टा पशुओं की समस्या से परेशान कई गांवों के लोगों ने मंगलवार को सेमरा-मुस्तकहम गांव के पास मंगलवार को बांसी-धानी मुख्यमार्ग को जाम कर दिया। छुट्टा पशुओं पर नियंत्रण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की। मौकै पर पहुंचे नायब तहसीलदार के आश्वासन पर करीब तीन घंटे बाद जाम समाप्त हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जाम में शामिल ब्लाक क्षेत्र के सेमरा मुस्तकहम, झुड़िया, कोटिया, बंजरहा आदि गांव के ग्रामीणों का कहना था कि छुट्टा पशुओं के कारण उनकी फसलें बर्बाद हो रही है।
आए दिन पशु खेतों में घुसकर फसलों को नष्ट करते हैं। गांव में घुसकर यह छुट्टा जानवर बच्चे को भी घायल कर दे रहे हैं। छुट्टा पशुओं के आतंक के चलते ग्रामीणों को रात को जगकर खेतों की रखवाली करना पड़ रहा है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सेमरा मुस्तहकम के पूर्व प्रधान कृष्ण कुमार शुक्ल ने कहा कि कई बार इस समस्या के समाधान के लिए कई बार तहसील प्रशासन को सूचना दी गई, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। जाम से मुख्यमार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम की सूचना पर नायब तहसीलदार केशरी नंदन त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से वार्ता कर आश्वासन दिया कि जल्द ही इस समस्या का स्थाई समाधान किया जाएगा। जाम व प्रदर्शन में पशुपति शुक्ल, मोहम्मद हकीम, प्रमोद कुमार, हृदय राम, हरिप्रसाद, रोहित कुमार, मोहम्मद इब्राहिम, पलटू मौर्य, बैजनाथ निषाद, फूलचंद, राधेरमण दुबे, चीनक मौर्य आदि शामिल रहे।