भनवापुर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत साहेबपारा में बने व्यक्तिगत शौचालय में भरा कूड़ा।
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नहीं बदल रही लोगों की सोच, खुले में जा रहे शौच
भनवापुर व डुमरियागंज ब्लॉक क्षेत्र में तमाम शौचालय बने कूड़ेदान
भनवापुर (सिद्धार्थनगर)। जिले को ओडीएफ घोषित हुए करीब चार साल हो गया है। बावजूद इसके स्वच्छता अभियान की तस्वीर पूरी तरह से बदलती हुई नहीं दिख रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोगों का खुले में शौच जाना बंद नहीं हो रहा है। स्वच्छता मिशन के तहत अभियान चलाकर गांवों में हर घर में शौचालय का निर्माण कराया गया था। फिर भी खुले में शौच जाने की सोच लोग नहीं बदल पा रहे हैं।
स्वच्छता मिशन के तहत भनवापुर ब्लॉक के 111 ग्राम पंचायतों में 28540 और डुमरियागंज ब्लॉक के 115 ग्राम पंचायतों में 28432 शौचालयों का निर्माण कराया गया है। लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया गया। शौचालय निर्माण के कागजी आंकड़ों को आधार मानकर वर्ष 2018 में जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया। इसके बावजूद तमाम गांवों में सुबह-शाम हाथ में लोटा लिए लोग शौच के लिए खेतों, नदी, पोखरों, तालाबों के किनारे जाते देखे जा सकते हैं।
तमाम लाभार्थी ऐसे भी हैं जिन्होंने प्रोत्साहन राशि लेकर शौचालय का निर्माण तो करा लिया, लेकिन उसका उपयोग शौच करने के बजाय भूसा, उपल और लकड़ियां रखने के लिए कर रहे हैं। जिला पंचायती राज अधिकारी आदर्श ने बताया कि संचारी रोग अभियान के तहत लोगों को खुले में शौच जाने से रोकने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। लोगों को शौचालय का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बावजूद इसके ग्रामीण इलाकों में खुले में शौच का चलन कुछ हद तक जारी है। इसके लिए अभियान चलाकर लोगों को इससे होने वाली हानियों के प्रति सचेत किया जाएगा।