ढेबरुआ। नगर पंचायत बढ़नी सीमा से सटे मुड़िला डीह की बड़ी आबादी दशकों से प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हैं। निवासियों का कहना है कि वे विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में तो मतदान करते हैं लेकिन नगर और ग्राम पंचायत के चुनाव में मतदान का अधिकार नहीं मिलता है। मुड़िला डीह के निवासियों का मानना है कि शायद यह उनकी बदकिस्मती है कि वे सभी सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। यहां तक कि जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज भी न तो नगर पंचायत और न ही ग्राम पंचायत से उन्हें जारी किए जाते हैं।
हाल ही में मुड़िला डीह के निवासी होमगार्ड विजय कुमार के निधन के बाद उनके परिजनों ने मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की कोशिश की लेकिन उन्हें असफलता ही हाथ लगी। 27 दिन बीत जाने के बाद भी उनका प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया। विजय कुमार के परिजनों ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर से मुलाकात कर प्रमाण पत्र बनवाने का आग्रह किया।
मामले में अधिशासी अधिकारी अजय कुमार ने कहा कि मुड़िला डीह नगर पंचायत बढ़नी के सीमा क्षेत्र से बाहर है और मृतक का निधन भी सीमा के बाहर हुआ है इसलिए प्रमाण पत्र जारी नहीं कर सकते। मृतक के परिजनों ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनकी आखिरी उम्मीद जिलाधिकारी से है।क