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बीमारी खत्म नहीं हुई, लोग भूले मास्क लगाना

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ीएसए कार्यालय में बिना मास्क लगाए काम करते कर्मचारी। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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बीमारी खत्म नहीं हुई, लोग भूले मास्क लगाना
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केवल पांच प्रतिशत लोग ही लगा रहे मास्क, मास्क लगाने वालों में चिकित्सक और चंद लोग शामिल
कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हो रहा पालन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कोरोना संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। संक्रमित मरीजों की संख्या भले ही कम हो गई है, लेकिन मरीजों के मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा। कोविड टीका आने के बाद लोगों में इसका खौफ कम हो गया है। लोग सार्वजनिक स्थलों पर भी मास्क नहीं लगा रहे हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी शहर में लगभग 95 प्रतिशत लोग बिना मास्क के घूमते दिखे, सरकारी कर्मचारी भी कोर्ट के आदेश का पालन करने में लापरवाह नजर आए।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के साथ लोग इसकी भयावहता से अनजान होते जा रहे हैं। उन्हें न तो संक्रमण का डर है और न ही खुद और परिवार के जान की फिक्र। जबकि संक्रमण से बचने के लिए चिकित्सक मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन की सलाह दे रहे हैं। इसके बावजूद लोग बीमारी के खतरे से अनजान बने हुए हैं। बाजार, दुकान हर जगह लोग बिना मास्क के देखे जा सकते हैं। कोर्ट की ओर से बार-बार आदेश भी दिया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क लगाने के नियम का कड़ाई से पालन कराया जाए। मगर जब आदेश का पालन कराने वाले खुद अनजान हैं तो आम जनता को कैसे जागरूक करेंगे। बुधवार को पड़ताल की गई तो बीएसए कार्यालय पर काउंसिलिंग चल रही थी। यहां कार्यालय के बाहर सैकड़ों की संख्या में शिक्षक मौजूद थे। इनमें इक्का-दुक्का को छोड़ दिया जाए तो न कोई मास्क लगाया हुआ था और न ही सामाजिक दूरी का पालन किया गया। लाइन लगाकर लोग एक-दूसरे से सटकर खड़े हुए नजर आए। कुछ यही नजारा अंदर बैठे कर्मियों का था जो बिना मास्क के काम करते हुए नजर आए। चिकित्सक मास्क लगाने की दलील दे रहे हैं मगर जिला अस्पताल का नजारा अलग था। मरीज तो दूर यहां चिकित्सक ही बिना मास्क के नजर आए। साथ ही अस्पताल में आने वाले मरीज और उनके परिजन भी बिना मुंह ढके घूमते हुए दिखे। कलेक्ट्रेट में संयुक्त कार्यालय का भी नजारा कुछ इसी प्रकार था। यहां काम करने वाले कर्मी बिना मास्क के दिखे। यह तो चार स्थानों की बात है। कहीं भी संक्रमण से बचाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जो एक बार फिर बड़ा संकट का रूप ले सकता है। एडीएम सीताराम गुप्ता ने बताया कि कोरोना की गाइडलाइन का पालन कराने के लिए संबंधित जिम्मेदारों को निर्देश दिए गए हैं।
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टीका आने के बाद और बेखौफ हो गए लोग
संक्रमण के बीच कोरोना से बचाव के लिए टीका आने के बाद लोग और बेखौफ हो गए हैं। अब उन्हें डर नहीं लग रहा है। क्योंकि स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाना शुरू हो गया है। इससे अब समझ गए हैं कि टीकाकरण शुरू हो गया तो खतरा खत्म हो गया है।
आंकड़े पर एक नजर
जिले में संक्रमण की स्थिति
अब तक मिले मरीज 4081
स्वस्थ हुए मरीज 3984
भर्ती मरीज 49
संक्रमण से मौत 52
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