सिद्धार्थनगर। बैंकों में कैश किल्लत से लोगों का धैर्य अब टूटने लगा है। सोमवार को जिला सहकारी बैंक के ग्राहकों ने घंटों इंतजार के बाद भी कैश न मिलने पर जाम लगाकर विरोध जताया। नौगढ़-उसका मुख्य मार्ग पर वाणिज्य कर कार्यालय मोड़ के पास मार्ग को जाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने बैंक अधिकारियों से वार्ता कर जाम समाप्त कराया और कैश का वितरण शुरू कराया। वहीं शहर के एटीएम बूथों पर पैसा निकालने के लिए लगी लंबी-लंबी लाइन को देखकर नवंबर 2016 में हुए नोटबंदी का दौर याद आ जा रहा है।
दो माह से जिले के बैंकों में कैश की किल्लत है। लंबी कतारों में लगने के बाद भी उपभोक्ताओं को रकम नहीं मिल पा रही है। कैश के लिए परेशान ग्राहकों की कतार सोमवार को सुबह ही सिविल लाइन मोहल्ला स्थित जिला सहकारी बैंक में जुट गई थी। घंटों इंतजार के बाद भी कैश न मिलने से ग्राहक आक्रोशित हो गए। लोगों का कहना था कि सुबह से ही कतार लगाकर खड़े हैं, लेकिन दोपहर साढ़े 11 बजने के बाद भी बैंक पर ताला लगा हुआ है। पोखरभिटवा की जहीदुन्निशा, थरौली की सुरसती, नगरा की अमीरती, आशिया खातून, भीमापार के हरिहर आदि ने बताया कि खेती और लगन के दौर में पैसे की बेहद जरूरत है, मगर कैश नहीं मिल रहा। बैंक कर्मचारियों की लापरवाही से घंटों कतार में लगने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
बभनी खुर्द के जग्गन का कहना था कि लड़की की शादी के लिए पैसा जमा किया था। पैसे को लेकर परेशान हो रहे हैं। पीठनी के देवीदीन, जमील अहमइ, जैबुन्निशा, भानमती, दुर्गावती, विक्रम, केवलपति, श्यामराजी, मजीबुल्ला आदि ने भी बैंक प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। एसआई जुबेर अली ने बैंक अधिकारियों से वार्ता की और शाखा का ताला खोलवाकर खाताधारकों को कतारबद्ध कराया। बैंक के चेयरमैन सुधीर शर्मा का कहना था कि शाखा सुबह 10 बजे तय समय ही खुली थी। इसके बाद नित्य की भांति कर्मचारी एसबीआई के चेस्ट से कैश लाने चले गए थे। ग्राहक पहले आने की कोशिश में शोर-गुल मचा रहे थे, इसलिए पुलिस को आना पड़ा। कतार लगने के बाद कैश का वितरण क्रमवार शुरू हुआ।