जिला निर्वाचन अधिकारी ने कलक्ट्रेट सभागार में बैठक कर दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लोकसभा चुनाव के संबंध में कलक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। जिला निर्वाचन अधिकारी पवन अग्रवाल ने कहा कि मतदान की तिथि पर मतदान केंद्रों के आसपास के 200 मीटर के क्षेत्र में किसी भी चुनाव प्रचार की अनुमति नहीं दी जाएगी। आयोग से नियुक्त प्रेक्षकों और अधिकृत चुनाव, पुलिस अधिकारियों के अलावा किसी भी व्यक्ति को मतदान केंद्र की 100 मीटर की परिधि में मोबाइल फोन, वायरलेस सेट आदि ले जाने या उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को भले ही उसे किसी भी प्रकार की सुरक्षा प्राप्त हो, ऐसे सुरक्षा कर्मियों के साथ किसी भी मतदान केंद्र या मतदान केंद्र के आस-पास प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मतदान केंद्र की सुरक्षा के लिए तैनात सीएपीएफ सहित सभी पुलिस बल मतदान दिवस से एक दिन पहले (24 मई) संबंधित मतदान केंद्रों पर स्थिति संभालेंगे और नियंत्रण करेंगे। मतदान के दिन मतदान बूथ के अंदर की गतिविधि पर नजर रखने के लिए सीएपीएफ का एक कर्मी मतदान बूथ के दरवाजे पर स्थिर या गतिशील रहेगा। राज्य पुलिस मतदान केंद्र परिसर के अंदर और बाहर (मतदान केंद्रों से अलग) सामान्य कानून और व्यवस्था के रखरखाव के लिए पूरी तरह जिम्मेदार रहेगी। राज्य पुलिस बल किसी भी परिस्थिति में, मतदान केंद्रों पर सीएपीएफ की जगह नहीं लेगा। स्थानीय राज्य पुलिस का कोई भी अधिकारी, दल के साथ या उसके बिना, खुद को मतदान केंद्र पर तैनात नहीं करेगा और मतदान केंद्र पर सीएपीएफ पर कोई पर्यवेक्षण और नियंत्रण नहीं रखेगा। मतदान केंद्र के 100 मीटर के भीतर किसी भी उपकरण द्वारा ह्यूमन वायस को बढ़ाने की अनुमति नहीं है। किसी भी मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में अधिकृत सुरक्षा कर्मियों के अलावा कोई भी प्रवेश नहीं कर सकता है। कोई भी व्यक्ति बूथ के अंदर मोबाइल फोन, किसी प्रकार की रिकार्डिंग डिवाइस, अस्त-शस्त्र आदि के साथ प्रवेश नहीं करेगा। इस अवसर पर सीडीओ जयेंद्र कुमार, एडीएम उमाशंकर, पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, डीसी मनरेगा रविशंकर पांडेय, डीडीओ गोपाल प्रसाद कुशवाहा, जिला विद्यालय निरीक्षक सोमारू प्रधान उपस्थित रहे।
उम्मीदवारों के लिए अनुमन्य होंगे सात वाहन
उम्मीदवार, निर्वाचन अभिकर्ता और उम्मीदवार के कार्यकर्ताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक-एक वाहन की अनुमति है, जिसमें ड्राइवर सहित पांच से अधिक व्यक्तियों को अनुमति नहीं दी जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी परमिट को वाहन के विंड स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जाएगा। किसी भी नेता को किसी अन्य वाहन का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में कोई भी अभियान संबंधी पोस्टर या बैनर लगाने की अनुमति नहीं है। किसी उम्मीदवार, उसके एजेंट द्वारा मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक आने-जाने के लिए मुफ्त वाहन उपलब्ध कराना एक भ्रष्ट आचरण है और इसकी सख्त मनाही है। निजी वाहनों का उपयोग मालिकों द्वारा स्वयं के लिए या अपने परिवार के सदस्यों के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे तक जाने के लिए अनुमति होगी।