बुद्धा थीम पार्क : सात साल बाद भी नहीं मिला राज्यांश
पहले 64.47 लाख देने थे, अब लागत हो गई 204.37 लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। भगवान बुद्ध की जन्मस्थली कपिलवस्तु में केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल बुद्धा थीम पार्क का निर्माण अधर में लटका हुआ है। केंद्र से प्राप्त बजट खर्च हो जाने के बाद अब राज्यांश का इंतजार हो रहा है। पहले रकम 64.47 लाख दी जानी थी, अब सात साल बाद यह रकम बढ़कर 204.37 लाख रुपये हो गई है।
जिला मुख्यालय से 22 किलोमीटर दूर तथागत की धरती कपिलवस्तु पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए समय-समय पर कई घोषणाएं हुईं। कुछ का शिलान्यास हुआ। कुछ काम पूरे हुए। कई अभी भी अधूरे हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सांसद जगदंबिका पाल के अथक प्रयास से वर्ष 2011-12 में तत्कालीन केंद्र सरकार की पहल पर 323.48 लाख की लागत से पर्यटन मंत्रालय की ओर से बुद्धा थीम पार्क के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें केंद्रांश के रूप में भारत सरकार ने अपना अंश 258.78 लाख रुपये अवमुक्त कर दिया। इससे कार्य भी हुए। वहीं जब राज्यांश का नंबर का आया वह धन मिला ही नहीं। कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों समेत पर्यटन विभाग की ओर से आगणन बनाकर स्वीकृति के लिए कई बार शासन स्तर पर पत्राचार हो चुका है, बावजूद अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई। लिहाजा राज्यांश की धनराशि पाने की कोशिशों में सात वर्ष भी बीत गए। इसी के साथ राज्यांश अब बढ़कर 64.47 लाख से 204.37 लाख रुपये हो गया है।
कपिलवस्तु में निर्माणाधीन पार्क के अधूरे कार्यों को पूर्ण करने के लिए कार्यदायी संस्था सीएनडीएस की ओर से 204.37 लाख का रिपोर्ट शासन में भेजा जा चुकी है। अब तक बजट नहीं मिला है। बजट मिलते की काम शुरू कराया जाएगा।
- डॉ. अरविंद कुमार, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी
बुद्धा थीम पार्क के निर्माण को पूरा कराने में आड़े आ रहे राज्यांश की धनराशि दिलाने के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री व पर्यटन विभाग के उच्च स्तरीय अफसरों से मिलेंगे। निर्माण के बाद यह पार्क निश्चय ही पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
जगदंबिका पाल, सांसद
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अब तक हुए कार्य
पार्क में केंद्रांश की धनराशि से अब तक बाउंड्रीवाल व मेडिकेशन हाट का निर्माण हो सका है। शेष धनराशि मिलने पर मिट्टी भराव, मेडिकेशन हाट का सुंदरीकरण आदि कार्य हो सकेगा।