संवाद न्यूज एजेंसी
शाहपुर। खुनियावं ब्लॉक क्षेत्र में कई ऐसे पंचायत भवन हैं जो वर्षों से अर्ध निर्मित हैं। कहीं दीवार तो कहीं छत स्तर तक निर्माण होकर बंद पड़ा है। पंचायत सहायक घर व किराए के भवन से सारे कार्य करने का दावा कर रहे हैं।
ग्रामीण आय, जाति, निवास या परिवार रजिस्टर के नकल के लिए तहसील से लेकर ब्लाॅक तक चक्कर लगा रहे हैं। फिर भी जिम्मेदारों की नजर अधूरे पड़े पंचायत भवनों पर नहीं पड़ रही है। खुनियावं ब्लॉक क्षेत्र की 117 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 102 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। जबकि, छह ग्राम पंचायतों में जमीन के अभाव के चलते निर्माण कार्य नहीं हो पाया है। वहीं, नौ ग्राम पंचायतों में बजट में अभाव के चलते काम लटका है। अधूरे पंचायत भवनों की स्थिति अमर उजाला की पड़ताल में सामने आई।
महिलाएं राशन कार्ड व नाम संशोधन के लिए परेशान : ग्राम पंचायत लक्ष्मण उर्फ बल्लीजोत निवासी कमलावती ने कहा कि राशन कार्ड में बच्चों का नाम दर्ज कराना था। नाम संशोधन के लिए कई बार आवेदन किया फिर भी राशन कार्ड में नाम नहीं जुड़ा। किस्मती देवी ने कहा कि परिवार से अलग 12 वर्षों से रह रही हूं। फिर भी जॉइंट राशन कार्ड बना है। इसमें सिर्फ एक नाम है, जबकि हमारे चार बच्चे हैं।
पांच किलो राशन में कैसे घर चलेगा। राशनकार्ड में से नाम अलग करवाने के लिए जिम्मेदारों से कई बार कहा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। वलिराम केवट ने कहा कि हमारे परिवार में दो लोग दिव्यांग हैं। उनकी पेंशन बनवाने के लिए प्रधान से कई बार कहा, लेकिन अब तक पेंशन नहीं बनी। पंचायत भवन अभी अधूरा है कोई नहीं बैठता।
दीवार स्तर का निर्माण होकर चार वर्ष से अधूरा पड़ा पंचायत भवन : ग्राम पंचायत अकोलिहां में पंचायत भवन दीवार स्तर का निर्माण होकर चार साल से अधूरा पड़ा है। ग्रामीण मायाराम, जयप्रकाश, चन्द्रकेश आदि ने कहा कि पूर्व प्रधान के कार्यकाल में जमीन स्तर का पंचायत भवन बना था। मौजूदा प्रधान के समय दीवार खड़ी कर दी गई है।
करीब चार वर्ष हो गए अभी तक छत नहीं बनी है। बच्चों के लिए आय जाति निवास प्रमाणपत्र बनवाने के लिए जनसेवा केंद्रों पर जाकर बनवाना पढ़ता है। वहीं, ग्राम प्रधान पूरन ने कहा कि बजट के अभाव के चलते पंचायत भवन का काम बंद है। फिलहाल किराए के भवन से पंचायत का कार्य चल रहा है।