संवाद न्यूज एजेंसी
इटवा। तहसील क्षेत्र के अधिकतर गांवों में अवर्षण के चलते धान की फसल सूख रही है। इससे किसानों में चिंता है। उनका कहना है कि बारिश न होने से नुकसान होने लगा।
तहसील क्षेत्र के लटेरा, कलवारी, हर्रैया, करहिया गोसाईं, चौखड़ा, ऊंचडीह, सेखुइया आदि गांवों में न के बराबर बारिश हुई है। इसके चलते डीजल पंपसेट के सहारे किसानों ने जैसे-तैसे धान की रोपाई कर ली, लेकिन अब बारिश न होने से उसे बचा पाना संभव नहीं लग रहा है। बारिश की संभावना में किसान धान की फसल बचाने में लगे हैं। लेकिन, डीजल की महंगाई व कड़ी धूप के चलते उनकी हिम्मत भी जवाब दे रही है।
ऐसे किसानों का कहना है कि केवल पंपसेट के सहारे धान की खेती हो पाना संभव नहीं है। कारण डीजल की महंगाई व कड़ी धूप धान के उत्पादन में बड़ी बाधा है। क्षेत्र के रज्जन पांडेय, दिनेश मिश्र, सुशील तिवारी, अब्दुल लतीफ ने जिलाधिकारी से जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है।