भारतभारी। कोरोना के नए वैरिएंट के संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। बुधवार को बेवां सीएचसी में इसको लेकर पूर्वाभ्यास किया गया। इस दौरान ऑक्सीजन प्लांट को 15 दिन मिनट चलाया गया, लेकिन पाइपलाइन से बेड तक सप्लाई पहुंचने से पहले ही प्लांट बंद कर दिया गया। ऐसा इसलिए करना पड़ा कि ऑपरेटर की नियुक्ति नहीं हुई है और वार्ड ब्वाय ने प्लांट को सही दिखाने की कोशिश में प्लांट को चला दिया।
स्वास्थ्य टीम के डॉ. प्रिंस विश्वास व सहकर्मियों के साथ पीआईसीयू में कोरोना के नए वैरिएंट जेएन-1 से निपटने के लिए अस्पताल की तैयारियों को लेकर मॉकड्रिल किया। इसमें ऑक्सीजन प्लांट को एक घंटा पहले चलाना पड़ता है, तब जाकर एक घंटे बाद पाइप में सप्लाई आती है। लेकिन सीएचसी बेंवा में 15 मिनट में ऑक्सीजन प्लांट को बंद करना पड़ा। इसकी वजह वहां ऑपरेटर की नियुक्ति नहीं होना है।
इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना संक्रमित मरीज आने पर उनकी सही तरीके से जांच पड़ताल हो उस पर भी विभाग के लोगों को जानकारी दी गई। अस्पताल आने वाले मरीजों से अपील की गई कि आप लोग दूरी बनाकर रखें और मास्क का प्रयोग करें।
चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि कोविड के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए विभाग के लोगों को सतर्क किया जा रहा है ताकि कोरोना संक्रमित मरीज आने पर किसी तरह की कोई परेशानी न आ सके और मरीजों को तत्काल सेवा दिया जा सके। इसके अलावा निरीक्षण में दवा स्टॉक से लेकर आरटीपीसीआर जांच संबंधित सभी का निरीक्षण कर मिलान भी किया गया। इस मौके पर डॉ. राहुल चौधरी, डॉ. एमके वर्मा, सीबी सिंह, शोएब अख्तर, वीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
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क्सीजन प्लांट तो लगा पर टेक्नीशियन की नहीं हुई नियुक्ति
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेंवा पर लगे 260 केएलपी ऑक्सीजन प्लांट को तो लगा दिया गया, पर आज तक इसमें टेक्नीशियन की नियुक्ति नहीं हुई है। यही नहीं इसको चलाने के लिए बिजली की सप्लाई भी नहीं की गई है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. श्रवण कुमार तिवारी ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट को चलाने में जनरेटर में एक घंटे मे 10 लीटर डीजल लगता है, और इसके लिए डीजल का कोई अतिरिक्त बजट नहीं है। इसको चलाने के लिए बिजली निगम को ट्रांसफार्मर लगाने के लिए 18 लाख रुपये विभाग ने दे दिए हैं पर आज तक बिजली निगम ने ट्रांसफार्मर नहीं लगाया है।