परसिया गांव में कथा सुनते लोग।संवाद
सुकरौली। परसिया गांव स्थित मंदिर परिसर में महायज्ञ के छठे दिन धार्मिक आयोजन पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कथावाचक आचार्य प्रमोद ने अहिल्या उद्धार प्रसंग और विश्वामित्र यज्ञ का वर्णन किया गया। इसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
कथावाचक ने कहा कि भगवान राम ने अपने चरण स्पर्श से पत्थर बनी अहिल्या का उद्धार कर मानवता और करुणा का संदेश दिया। इस प्रसंग के माध्यम से लोगों को सत्य, धर्म और मर्यादा का पालन करने की प्रेरणा दी गई। वहीं विश्वामित्र यज्ञ की कथा में ऋषि विश्वामित्र द्वारा किए गए यज्ञ की महत्ता और भगवान राम-लक्ष्मण द्वारा राक्षसों से यज्ञ की रक्षा करने की कथा का विस्तार से वर्णन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रीय श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरे परिसर में भक्ति का माहौल बना रहा। यज्ञ स्थल पर सुबह से ही पूजन, हवन और भजन-कीर्तन का क्रम चलता रहा। आयोजन समिति के सदस्य विश्वजीत त्रिपाठी और मधुमती ने बताया कि महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का मंचन और प्रवचन किया जा रहा है।
महायज्ञ को सफल बनाने में ग्रामीणों और आयोजकों का विशेष सहयोग मिल रहा है। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ यज्ञ में भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।