सिद्धार्थनगर। अमृत भारत योजना के तहत सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प तो हो गया लेकिन यात्रियों की सुविधा अभी अधूरी है। एक प्लेटफाॅर्म से दूसरे पर जाने वाला ओवरब्रिज बंद है।
साथ ही लिफ्ट भी अब तक शुरू नहीं हुई है। ऐसे में यात्रियों को जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पारकर प्लेटफाॅर्म बदलना पड़ रहा है। ट्रैक पार करते समय यात्रियों को ट्रेन आने का डर तो रहता ही है, चढ़ते-उतरते समय गिरने का खतरा भी बना रहता है।
गोरखपुर-गोंडा रेलखंड पर स्थित सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर जिले के अलावा महराजगंज और नेपाल से भी बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं। यहां से दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, गोरखपुर समेत विभिन्न रूट की ट्रेनें संचालित होती हैं। रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होने के बावजूद प्लेटफाॅर्म बदलने की सुविधा प्रभावित होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
बुजुर्ग और दिव्यांग सबसे अधिक परेशान : अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन परिसर, प्लेटफाॅर्म, प्रवेश द्वार, प्रतीक्षालय और यात्री सुविधाओं में कई बदलाव किए गए हैं। स्टेशन को मॉडल रेलवे स्टेशन का रूप दिया गया है। कोच इंडीकेटर समेत कई सुविधाएं भी शुरू की गई हैं लेकिन प्लेटफाॅर्म बदलने की व्यवस्था यात्रियों के लिए चुनौती बन गई है।
ओवरब्रिज पर लिफ्ट लगाने के लिए काम शुरू होने के बाद ब्रिज को बंद कर दिया गया है। इसके कारण दूसरे प्लेटफाॅर्म पर जाने वाले यात्रियों को रेलवे लाइन पार करनी पड़ रही है। सामान लेकर चलने वाले यात्रियों के साथ बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं और दिव्यांगों को ट्रैक पार करने में अधिक परेशानी होती है।
गोरखपुर जाने वाले नगर निवासी शोएब ने बताया कि वह अक्सर सामान खरीदने के लिए गोरखपुर जाते हैं। कई बार ट्रेन आने के समय जल्दी में प्लेटफाॅर्म बदलना पड़ता है। ऐसे में लाइन पार करते समय डर लगता है। चढ़ते समय कई बार यात्रियों का संतुलन बिगड़ जाता है। लिफ्ट शुरू हो जाए तो यह समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है।