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56 प्रत्याशियों में से 46 अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए

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56 प्रत्याशियों में से 46 अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए
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भाजपा-सपा और उसके सहयोगी दलों को छोड़ सबकी जमानत हुई जब्त
सिद्धार्थनगर। जिले की पांच विधानसभाओं में चुनावी मैदान में उतरे 56 प्रत्याशियों में 46 अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए। वोटों के ध्रुवीकरण की आंधी में भाजपा-सपा और उसके सहयोगी दलों के उम्मीदवार ही टिक पाए। छोटे दलों और निर्दल प्रत्याशियों की बात तो दूर बसपा और कांग्रेस जैसी पार्टियों को भी इस बार जनता ने जमानत बचाने लायक वोट देना गवारा नहीं समझा।
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शोहरतगढ़ विधानसभा में चुनाव लड़ने वाले कुल 12 प्रत्याशियों में भाजपा के सहयोगी अपना दल के प्रत्याशी विनय वर्मा ने जीत हासिल की। सपा के सहयोगी दल सुभासपा प्रत्याशी प्रेमचंद्र निषाद दूसरे स्थान पर रहकर अपनी जमानत बचाने में कामयाब रहे, बाकी 10 की जमानत नहीं बच पाई। कपिलवस्तु विधानसभा में कुल 10 प्रत्याशी मैदान में थे, जिनमें से भाजपा के विजयी उम्मीदवार श्यामधनी राही और दूसरे नंबर पर रहे सपा के विजय पासवान ही जमानत बचा सके। बांसी विधानसभा में चुनावी मैदान में उतरे कुल 12 प्रत्याशियों में से जीत दर्ज करने वाले भाजपा प्रत्याशी जय प्रताप सिंह और दूसरे नंबर पर रहे सपा प्रत्याशी नवीन उर्फ मोनू दूबे ही जमानत बचाने में कामयाब रहे। डुमरियागंज विधानसभा में चुनाव लड़ने वाले 13 उम्मीदवारों में से सपा प्रत्याशी सैय्यदा खातून और दूसरे स्थान पर रहे भाजपा के राघवेंद्र प्रताप सिंह ही अपनी जमानत बचा सके। यही हाल इटवा विधानसभा का रहा, जहां चुनावी मैदान में उतरे कुल नौ उम्मीदवारों में विजय पताका फहराने वाले सपा प्रत्याशी माता प्रसाद पांडेय, भाजपा के डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ही जमानत बचा पाए, बाकी सबकी जमानत जब्त हो गई।
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