सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में बेहोशी के डॉक्टरों के बीच ऑपरेशन पर ग्रहण लग गया है। बेहोशी के डॉ. सौरव चतुर्वेदी चार दिन अवकाश पर रहेंगे, इस कारण ओटी बंद रहेगी। बेहोशी के डॉक्टर के अभाव में दो माह में 250 से अधिक ऑपरेशन टल चुके हैं।
ओटी में बेहोशी के एक भी डॉक्टर नहीं होने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों में जेब ढीली करनी पड़ रही है या रेफर होकर गोरखपुर व लखनऊ के अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। जब मरीज फिट होता है तो उसे भर्ती किया जाता है तो ऑपरेशन की वेटिंग लिस्ट बनती है। अब बेहोश करने वाले डॉक्टर नहीं है तो वेटिंग लिस्ट भी नहीं बन रही है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. सौरव चतुर्वेदी शोहरतगढ़ सीएचसी में अधीक्षक हैं, इसलिए तीन दिन ही सर्जरी कराने के लिए आते हैं। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य कारणों से वे अवकाश पर हैं।
बेहोशी के डॉक्टर के अभाव में सप्ताह में एक ही यूनिट को ऑपरेशन का अवसर मिल रहा है, जबकि पहले दो यूनिट के डॉक्टर ऑपरेशन करते थे। तीन दिन वाली व्यवस्था में एक सप्ताह में आर्थो और जनरल सर्जरी में 8 से 10 और ईएनटी में चार ऑपरेशन हो पा रहे हैं। एक स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि दो माह में 250 मेजर और माइनर ऑपरेशन नहीं हो पाए होंगे।
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वर्जन
मेडिकल कॉलेज में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की भर्ती करने की कोशिश की जा रही है। शासन को भी डॉक्टर भेजने का प्रस्ताव भेजा गया है।
डॉ. हशमतुल्लाह, प्रभारी प्राचार्य