उसका विकास क्षेत्र अंतर्गत बसावनपुर गांव में मंगलवार को गांव स्थित बगीचे में नजरी नक्शा बनाकर ग्रामीणों को स्वच्छता और शौचालय के उपयोग के लिए जागरूक किया गया।
जिला स्वच्छता समिति के डीपीसी संजय तिवारी ने बगीचे में गांव का नक्शा खींचा, जिसमें उन्होंने मंदिर, आबादी, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, मकान और खुले में शौच जाने वाले स्थान को दर्शाया। गांव के लोगों से जिस स्थान पर वे खुले में शौच जाते हैं, पीले रंग से चिह्न लगवाया गया। उन्होंने बताया कि खुले में शौच जाने के बाद विभिन्न माध्यमों से पुन: गांव में, घरों में गंदगी आ जाती है, जिससे बीमारी फैलती है।
जापानी इंसेफेलाइटिस जानलेवा बीमारी है, इसका प्रमुख कारण दूषित जल व खुले में शौच है। इसलिए घर-घर शौचालय बनाकर उसका प्रयोग करें। बसावनपुर में यह कार्यक्रम ब्लॉक में चल रहे तीन दिवसीय सीएलटीएस (समुदाय आधारित संपूर्ण स्वच्छता) ट्रेनिंग के दौरान प्रयोग के लिए चिह्नित किया गया है। ट्रेनिंग में शामिल प्रतिभागियों को मंगलवार को ब्लॉक सभागार में जानकारी देते हुए मास्टर ट्रेनर विमलकांत ने बताया कि इस दौरान दी जा रही जानकारी पर अमल करते हुए स्वच्छता मुहिम चलाकर गांव को खुले में शौच से मुक्त करना है।
एडीओ पंचायत कमलेश्वर सिंह ने शौचालय निर्माण के लिए दी जा रही 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि की जानकारी दी। प्रशिक्षण में ब्लॉक के छह ग्राम पंचायत सुगही, उटिया, भिटिया, सोहांस सुमाली, जगमोहनी व परसा महापात्र के सफाईकर्मी, आशा, आंगनबाड़ी आदि शामिल रहे। बसावनपुर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि श्रीराम सहित विवेक मणि त्रिपाठी, सचिन श्रीवास्तव, केबी सिंह, मनोज भारती, विनोद चौधरी, महबूब आलम, रवींद्र कुमार जाटव, रामशंकर आदि उपस्थित रहे।