सिद्धार्थनगर। विद्यालय में अवैध रूप से संचालित होने वाले वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए शासन सख्त है। जांच और कार्रवाई के लिए समय सीमा तय कर दी गई है। इसके बाद गड़बड़ी पर हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी। अब कागजों तक चेकिंग नहीं बल्कि फिटनेस और नए पंजीकरण वाले वाहनों की जानकारी पोर्टल पर हर हाल में अपडेट करने के लिए कहा गया है। ऐसे में अब डग्गामारी में कोई वाहन नहीं चल पाएगा। साथ ही जांच और कार्रवाई के बाद अगर कोई हादसा होता है और जांच में पता चलता है कि फिटनेस और कागजात नहीं है तो कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
नए विद्यालयों के खुलने के साथ ही वाहनों की संख्या बढ़ रही है। कमोबेश हर विद्यालय वाहन लगाए दिए जाते हैं। वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ ही हादसों को जोखिम भी बढ़ गया है। देहात से लेकर शहर तक अधिकांश ऐसे वाहन चलाए जाते हैं, जिनका न तो पंजीकरण है और न ही मानक को पूरा कर रहे हैं। ऐसे में इन वाहनों से कभी भी कुछ भी होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। इस पर पूरी तरह से विराम लगाने और वैध वाहन ही संचालित हों, इसके लिए शासन की ओर से 15 अप्रैल तक विशेष जांच के निर्देश दिए गए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक बीते वर्ष 700 से अधिक छोटे बड़े वाहन पंजीकृत थे। इसमें नोटिस जारी करके फिटनेस करवाया गया था। इसमें पंजीकृत वाहनों की जांच के लिए टीम ने काम शुरू कर दिया है। अबतक जांच में कई वाहनों के कागजात नहीं मिलने पर नोटिस किया गया है। इस बार सबसे अहम काम यह है कि केवल जांच तक व्यवस्था नहीं रहेगी। अब नए पंजीकरण और नवीनीकरण वाहनों का डाटा पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। इसमें समय तय रहेगा। फिटनेस की समय सीमा समाप्त होते ही जानकारी मिल जाएगी। इसके साथ ही एप पर डाटा रहेगा तो जांच करने वाली टीम को बहुत परेशान नहीं होना पड़ेगा। नाम और नंबर डालते ही जानकारी मिल जाएगी। अगर गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध एआरटीओ अरुण कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशों का पालन कराया जा रहा है। लगातार जांच अभियान चल रहा है। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।