एसडीएम डुमरियागंज के आदेश पर बेसिक शिक्षा मंत्री की आपत्ति
मेडिकल कार्य के साथ राजनीतिक गतिविधियों पर नाराजगी
डीएम ने मेडिकल टीम को केवल चिकित्सकीय कार्य करने के निर्देश दिए
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। उपजिलाधिकारी डुमरियागंज ने एक प्राइवेट संस्था को कोरोना की रोकथाम के लिए मेडिकल कार्य की अनुमति दी है। उनके आदेश पर इटवा विधायक एवं प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने तहसील डुमरियागंज के इटवा विधानसभा क्षेत्र में ऐसी संस्थाओं अथवा अनधिकृत व्यक्तियों से कार्य नहीं कराए जाने का निर्देश जारी किया है।
बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने उपजिलाधिकारी डुमरियागंज की ओर से जारी एक प्राइवेट संस्था के सदस्यों की आठ टीमों के गठन संबंधी आदेश पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है। उनका कहना है कि कोविड-19 में रोकथाम, बचाव के लिए अप्रशिक्षित संस्था एवं व्यक्तियों की ओर से मेडिकल कार्य लिए जाने का आदेश देना शासन की मंशा के विपरीत है। इस जिले में ऐसी कोई संस्था भी नहीं, जिसके व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया गया है। ऐसे में यह आदेश निरर्थक है। बेसिक शिक्षा मंत्री ने एसडीएम डुमरियागंज को अप्रशिक्षित किसी भी व्यक्ति के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में पड़ने वाले इटवा विधानसभा क्षेत्र के किसी भी गांव में नहीं जाने के लिए हिदायत देने का निर्देश दिया है। कहा कि सरकारी अस्पताल और चिकित्सक कोरोना की जांच और इलाज में पूर्णतया सक्षम हैं, ऐसेे में यह आदेश समझ से परे है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि पत्र एक अप्रैल को जारी किया गया था। स्वास्थ्य मंत्री की आपत्ति थी कि इस संस्था के सदस्य क्षेत्र में मेडिकल कार्य के साथ राजनीतिक गतिविधियां भी कर रही हैं। उन्हें पता चला कि पत्र काफी पुराना है तो उन्होंने डॉक्टर और चिकित्साकर्मियों द्वारा राजनीति नहीं किए जाने की मंशा जताई। एसडीएम डुमरियागंज को निर्देश जारी किए हैं कि संस्था के सदस्य सिर्फ मेडिकल कार्य ही करें यह सुनिश्चित किया जाए।