सिद्धार्थनगर। नए कानून के लागू हाेने और डिजिटल साक्ष्य को केस के अहम हिस्से की मान्यता के बाद पुलिस भी स्मार्ट होने की ओर बढ़ रही है। सारा काम डिजिटल होगा। किसी भी घटना में स्पाॅट पर जांच होगी। वीडियो, फुटेज और ऑडियो और गवाहों के बयान का वीडियो तत्काल ऑनलाइन कर लिया जाएगा। इसके साथ ही ई-एफआईआर के साथ ही विवेचना भी शुरू हो जाएगी।
अब इसी पैटर्न पर जनपद की पुलिस काम करेगी। इसके लिए जनपद के 20 थानों के 282 विवेचकों को टैबलेट देने के साथ ही उन्हें प्रशिक्षित किया गया है। अब पूरा काम डिजिटल होगा और एक क्लिक पर थानेदार से लेकर एसपी तक केस डायरी और जांच का स्टेटस सामने होगा। वहीं, साक्ष्य के खराब होने या खोने की चिंता नहीं रहेगी। इससे जांच और कार्रवाई में तेजी आएगी।
जनपद के 20 थानों में नए आपराधिक कानूनों को जमीन पर उतारने के लिए पुलिस विभाग ने जांच के तरीके में बड़ा बदलाव शुरू कर दिया है। अब किसी भी घटना के बाद केवल कागजी कार्रवाई पर निर्भरता नहीं रहेगी बल्कि घटनास्थल से ही वीडियो, फोटो और डिजिटल साक्ष्य अपलोड कर तत्काल जांच शुरू कर दी जाएगी। विवेचक मौके पर पहुंचते ही टैबलेट के जरिये केस डायरी अपडेट करेंगे।
ई-एफआईआर से जुड़े दस्तावेज अपलोड होंगे और घटनास्थल का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे जांच की गति तेज होने के साथ साक्ष्यों से छेड़छाड़ की संभावना भी कम होगी। मुख्यालय के साथ ही एक-एक थाने पर विवेचक को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
प्रशिक्षित किए गए हैं 20 थानों के 282 विवेचक : जनपद के सभी 20 थानों में तैनात 282 विवेचकों को विशेष प्रशिक्षण देकर टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। उन्हें कैसे जांच करनी है और साक्ष्य संकलन करते हुए जांच का हिस्सा बनाते हुए ऑनलाइन अपलोड करना है, इसके बारे में बारीकी से जानकारी दी गई।
अब घटनास्थल पर पहुंचते ही विवेचक वीडियो रिकॉर्डिंग, फोटो, गवाहों के बयान और अन्य डिजिटल एविडेंस सीधे पोर्टल पर अपलोड करेंगे। नई व्यवस्था के तहत केस डायरी भी मौके से ही शुरू हो जाएगी, ा