लापरवाही में बीईओ को नोटिस, शिक्षक का तबादला
सिद्धार्थनगर। उसका के बीईओ महेंद्र कुमार को लापरवाही एवं गलत सूचना देने के मामले में बीएसए ने नोटिस दिया है। वहीं, पूर्व माध्यमिक विद्यालय गंगाधरपुर में विद्यार्थियों को अंकपत्र न दिए जाने के मामले में तैनात शिक्षक को नोटिस देते हुए दूसरे विद्यालय पर पदस्थापित कर बीईओ को दूसरा प्रभारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने जांच समिति की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई की है।
बीएसए ने मान्यता प्राप्त विद्यालयों के संबंध में सूचना देने में लापरवाही एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय गंगाधरपुर के मामले में भी लापरवाही बरतने पर खंड शिक्षा अधिकारी महेंद्र कुमार को तीन दिन के अंदर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। वहीं, उसका ब्लॉक के मेहनदिया ग्राम पंचायत में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय गंगाधरपुर में विद्यालय को टीसी व अंकपत्र न दिए जाने व अन्य अनियमितता की शिकायत पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति को जांच के लिए नामित किया था। जांच में समिति ने प्रकरण से जुड़े तीन शिक्षकों को विद्यालय से हटाते हुए अधिकारियों की टीम बनाकर अंकपत्र की समस्या का समाधान कराने की संस्तुति की थी।
शिक्षक नम्रता सिंह का स्थानांतरण दूसरे जनपद हो गया था। तत्कालीन प्रभारी अभय श्रीवास्तव का पदस्थापन मूल विद्यालय पर कर दिया गया था। शिक्षक निकेता शंखधार उसी विद्यालय पर कार्य कर रही थीं। तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिए कि विद्यालय के अभिलेखों में हुई अनियमितता को दूर करते हुए 28 विद्यार्थियों का कक्षा निर्धारण प्रक्रिया पूरी कर बीआरसी से प्रभार प्राप्त करते हुए विद्यालय का संचालन किया जाए। मामले में लापरवाही बरतने पर बीएसए ने शिक्षक निकेता को उसका ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय मरवटियामाफी में पदस्थापित कर दिया और बीईओ को निर्देश दिए कि विद्यालय का नया प्रभारी नियुक्त करते हुए बीईओ जोगिया के सहयोग से अभिलेखों को ठीक करा लें और उन्हें नए प्रभारी को प्राप्त करा दें।
झूठी सूचना देने पर शिक्षक को नोटिस
बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने बांसी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय तेजगढ़ में कार्यरत शिक्षक सुषमा देवी को तथ्य छिपाने के आरोप में नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। बीएसए ने बुधवार को जारी आदेश में बताया है कि सुषमा उसका विकास खंड में उच्च प्राथमिक विद्यालय गंगाधरपुर में कार्यरत शिक्षक निकेता शंखधार व कतिपय अभिभावकों के साथ चार दिन पूर्व जिलाधिकारी के समक्ष उच्चतर प्राथमिक विद्यालय गंगाधरपुर से संबंधित मामले के लिए प्रस्तुत हुईं और स्वयं को गंगाधरपुर में कार्यरत होना बताया। जबकि, वास्तव में वह दूसरे विकास खंड में कार्यरत हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के समक्ष तथ्य छिपाने व विभाग की छवि धूमिल करने का प्रयास करने के आरोप में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराने एवं विभागीय दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी देते हुए तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।