ब्लड बैंक में ए निगेटिव ग्रुप का एक भी यूनिट रक्त नहीं
सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त की कमी बढ़ गई है। रक्तदाता न होने के कारण समस्या बढ़ी है। 300 क्षमता वाले रक्तकोष में मौजूद समय में मात्र 21 यूनिट रक्त बचा है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर बड़ी दिक्कत आ सकती है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों का कहना है कि बार-बार प्रेरित करने के बाद भी लोग रक्तदान के लिए आगे नहीं रहे हैं। जरूरत पड़ने पर अन्य जनपदों से रक्त मंगाना पड़ेगा।
मरीजों को रक्त के लिए परेशानी न हो, उसके लिए जिला अस्पताल परिसर में ब्लड बैंक संचालित होता है। इस बैंक में 300 यूनिट तक रक्त रखने की क्षमता है। मगर जब से ब्लड बैंक स्थापित हुआ है, यहां पर 100 यूनिट से अधिक रक्त नहीं जमा हुआ। स्वास्थ्य कर्मियों के मुताबिक, रक्तदान के प्रति लोगों में भ्रम के कारण यह स्थिति है। मगर मौजूदा समय में रक्तकोष में खून बड़ी कमी हो गई है। स्वास्थ्य कर्मियों को चिंता सता रही है कि अगर बहुत जरूरत पड़ी तो रक्त बाहर से लाना पड़ेगा। ब्लड बैंक के आंकड़ों को मुताबिक, 17 फरवरी यानी बृहस्पतिवार का 21 यूनिट रक्त कोष में था।
इसमें ए निगेटिव ग्रुप का एक यूनिट भी रक्त, कोष में नहीं है। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि चुनाव के कारण भी रक्तदान करने लोग नहीं आ रहे हैं। इस संबंध में ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि यहां पर रक्तदान करने से लोग पहरेज करते हैं। नियमित रक्तदान करें तो यह समस्या उत्पन्न नहीं होगी। जागरूकता के अभाव के कारण यह दिक्कत है। जबकि रक्तदान करने से शरीर पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। रक्तदान करने के बाद शरीर में फुर्ती आती है और ब्लड का संचार अच्छा होता है। साथ ही कई प्रकार के बीमारियां से रक्तदान बचाता भी है।
रक्तकोष में है इस ग्रुप का इतना ब्लड
ब्लडबैंक के आंकड़ों के मुताबिक, ए पॉजिटिव चार यूनिट, बी पॉजिटिव 11, निगेटिव एक यूनिट, एबी पॉजिटिव दो यूनिट, ओ पॉजिटिव दो और ओ निगेटिव एक यूनिट ब्लड है।